अवैध प्लॉटिंग: पर्यावरण और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एमडीडीए की महत्वपूर्ण कार्रवाई
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का कड़ा प्रहार, शहर की सुनियोजित विकास नीति पर कोई समझौता नहीं अवैध निर्माण और भू-माफिया के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’, सख्त कार्रवाई जारी शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास मास्टर प्लान और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगा- बंशीधर तिवारी मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के […] The post अवैध प्लॉटिंग से पर्यावरण और नागरिकों को नुकसान, एमडीडीए का बड़ा एक्शन appeared first on Uttarakhand News Update.
अवैध प्लॉटिंग: पर्यावरण और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एमडीडीए की महत्वपूर्ण कार्रवाई
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कम शब्दों में कहें तो, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और सभी नागरिकों से इस मुद्दे की गंभीरता को समझने का आग्रह किया है।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग के मामलों में सख्त रुख अपनाया है। बंशीधर तिवारी, जो प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हैं, ने स्पष्ट किया है कि शहर की सुनियोजित विकास नीति पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अवैध निर्माण और भू-माफिया के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत सख्त कार्रवाई का दौर जारी है।
एमडीडीए की कार्रवाई का कारण
हाल के दिनों में, प्राधिकरण को शिकायतें मिली थीं कि कुछ भू-माफिया और निजी डेवलपर्स कृषि भूमि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं। ऐसे निर्माणों से न केवल शहर की भौगोलिक संरचना को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी भ्रमित किया जा रहा है। इसलिए, एमडीडीए ने विशेष प्रवर्तन टीमों का गठन किया है, जो नियमित रूप से क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं।
सख्त कार्रवाई और ध्वस्तीकरण
प्राधिकरण की टीमें विविध क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों, बिना स्वीकृति के बन रही आंतरिक सड़कों और बाउंड्री वॉल जैसी संरचनाओं को पहचान रही हैं और त्वरित कार्रवाई कर रही हैं। हाल ही में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण ने यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में ऐसी अवैध गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग और ड्रोन सर्वे भी किया जा रहा है।
नागरिकों के प्रति जागरूकता
बंशीधर तिवारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे भूमि या भूखंड खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पुष्टि एमडीडीए से अवश्य करें। अवैध प्लॉटिंग शहरी अव्यवस्था पैदा करती है और यह जल निकासी, यातायात, हरित क्षेत्र और बुनियादी सुविधाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
एमडीडीए का उद्देश्य
एमडीडीए का मुख्य उद्देश्य केवल अवैध संरचनाओं का ध्वस्तीकरण नहीं है बल्कि लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुनियोजित, सुरक्षित एवं पर्यावरण संतुलित विकास को बढ़ावा देना है। सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानून के अनुसार और पारदर्शी तरीके से की जा रही है, ताकि शहर का विकास सुरक्षित व सुनियोजित हो सके।
अवश्य ध्यान दें कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माण केवल प्रकृति और वातावरण के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे समुदाय और नागरिकों के लिए भी हानिकारक हैं।
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सादर,
टीम PWC न्यूज
राधिका शर्मा
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