उत्तराखंड पवेलियन बना वेव्स फिल्म बाज़ार 2025 में आकर्षण का केंद्र, विदेशी फिल्म निर्माताओं ने जताई रुचि
वेव्स फिल्म बाज़ार 2025 में बना उत्तराखंड पवेलियन रहा आकर्षण का केंद्र, देश-विदेश के फिल्म निर्माता और निर्देशकों ने उत्तराखंड में शूटिंग के लिए दिखाई रुचि देहरादून: गोवा में आयोजित 56वे भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित IFFI waves film Bazaar-2025 में विभिन्न देशों एवं भारत के विभिन्न राज्य सरकारों के पवेलियन बनाए गए […]
उत्तराखंड पवेलियन बना वेव्स फिल्म बाज़ार 2025 में आकर्षण का केंद्र
कम शब्दों में कहें तो, गोवा में आयोजित 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में उत्तराखंड का पवेलियन विभिन्न देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। Let’s delve into the details and find out how this event has put Uttarakhand on the global filmmaking map.
देहरादून: गोवा में आयोजित 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान चलते हुए IFFI वेव्स फिल्म बाज़ार 2025 में सभी राज्य सरकारों के पवेलियन बनाए गए हैं। इस आयोजन में उत्तराखंड का पवेलियन सभी उपस्थित फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों के लिए एक केंद्र बिंदु बना। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी और नोडल अधिकारी, डॉ. नितिन उपाध्याय ने बताया कि उत्तराखंड ने इस फिल्म बाज़ार में सक्रिय रूप से भाग लिया।
डॉ. उपाध्याय ने आगे बताया कि उत्तराखंड पवेलियन में देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं ने यहाँ की फिल्म नीति पर गहरी रुचि दिखाई। विभिन्न भाषाओं के निर्माताओं ने यहाँ फिल्म शूट करने में रुचि व्यक्त की, जिनमें बंगाली, तमिल, मलयालम, गुजराती, और मराठी शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले सहयोग और सुविधाओं की सराहना की गई।
बड़ी संख्या में विदेशी फिल्म निर्माताओं ने उत्तराखंड में शूटिंग करने के लिए सहमति जताई है। इसके अलावा, फिल्म बाजार में आगामी वर्ष 2026 में होने वाली राजजात यात्रा के बारे में भी जानकारी साझा की गई, जिसमें कई विदेशी फिल्म निर्माताओं ने डॉक्यूमेंट्री शूटिंग की संभावनाओं पर विचार किया। डॉ. उपाध्याय ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए मार्गदर्शन का यह परिणाम है कि उत्तराखंड की फिल्म नीति आज देश-विदेश में सराही जा रही है।
उत्तराखंड पवेलियन में ऑस्ट्रेलियाई फिल्म निर्माता सुवीं ग्राहम ने कहा कि वह आगामी फरवरी में उत्तराखंड का दौरा करके शूटिंग लोकेशनों का निरीक्षण करने आएंगे। इसके अतिरिक्त, कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने जैसे कि Film Art – हॉन्ग कॉन्ग, Finland Vega, रूस, स्टेट सिनेमा सेंटर – किर्गिस्तान, Jetro – जापान, न्यूजीलैंड फिल्म आयोग और Zero Gravity Pictures ने राज्य की फिल्म नीति की जानकारी ली।
Bombay Berlin Film Productions (BBFP) के CEO अरफी लांबा ने भी उत्तराखंड की फिल्म नीति की सराहना की और यह उल्लेख किया कि उनकी कंपनी देश और विदेश के फिल्म निर्माताओं के साथ मिलकर काम करती है। उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी फिल्म निर्माता उत्तराखंड आएं और यहाँ शूटिंग करें।
इसके अलावा, सूचना मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशक फिल्म राजेश कुमार शर्मा और उनकी टीम ने भी उत्तराखंड पवेलियन का दौरा किया और राज्य सरकार की फिल्म नीति की प्रशंसा की।
उत्तराखंड राज्य में जहां प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक संपत्ति भरपूर है, वहाँ फिल्म निर्माताओं के लिए एक सशक्त प्लेटफॉर्म खड़ा होने से न केवल आर्थिक विकास की संभावनाएं बढ़ रही हैं, बल्कि राज्य की पहचान को भी वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जा रहा है। यह आगामी फिल्म बाजार इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भविष्य में, उत्तराखंड की फिल्म नीति को एक ओर ऊँचाइयों पर पहुँचाने के लिए सक्रियता से काम करना होगा, ताकि यहां की अनोखी भूमि और संस्कृति को पूरी दुनिया के सामने लाया जा सके।
बीते कुछ वर्षों में उत्तराखंड ने कई फिल्म निर्माताओं को अपने उत्कृष्ट लोकेशनों के कारण आकर्षित किया है और यह देखा गया है कि स्थानीय सरकार अन्य राज्यों की तुलना में फिल्म निर्माण के लिए बेहतर सहयोग प्रदान कर रही है।
समाप्ति पर, हमें आशा है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड फिल्म निर्माण का अगला हॉटस्पॉट बनेगा। सिर्थ एक सही रणनीति और निरंतर प्रयासों से इस दिशा में सार्थक कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
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टीम PWC News - अंजली कुमारी
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