मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रगति मैदान में उत्तराखण्ड दिवस का समापन - सांस्कृतिक विविधता और विकास की ओर कदम

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान मे आयोजित 44वें भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के तहत उत्तराखण्ड पवेलियन में उत्तराखण्ड दिवस समारोह एवं इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नाट्यशाला थियेटर में उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक […]

Nov 24, 2025 - 00:53
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रगति मैदान में उत्तराखण्ड दिवस का समापन - सांस्कृतिक विविधता और विकास की ओर कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रगति मैदान में उत्तराखण्ड दिवस का समापन - सांस्कृतिक विविधता और विकास की ओर कदम

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 44वें भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के दौरान उत्तराखण्ड पवेलियन में उत्तराखण्ड दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर नाट्यशाला थियेटर में उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जो उपस्थित दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने। इस वर्ष व्यापार मेले की थीम "एक भारत श्रेष्ठ भारत" रखी गई है।

कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री धामी ने इस मेले को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन अवसर बताया।

संस्कृति और विरासत का महत्व

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि "भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला हमारी संस्कृति और समृद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।" उन्होंने बताया कि इस मेले में सांस्कृतिक संध्या के माध्यम से उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिलती है।

धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल" पहल की चर्चा करते हुए कहा, "इस पहल के तहत हमारे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित होने वाले पारंपरिक मेलों को नई पहचान मिलेगी, जिससे हमारे स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, लोककला और पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।"

उन्नति के संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि "हम सब मिलकर उत्तराखंड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं।" इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 'वोकल फॉर लोकल', 'मेक इन इंडिया' और 'स्टार्टअप इंडिया' जैसे कार्यक्रमों के जरिए उत्तराखंड को एक विकसित राज्य बनाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि इस वर्ष राज्य पवेलियन में हथकरघा बुनकरों और अन्य उत्पाद धारकों द्वारा लगभग 1 करोड़ रुपये का व्यापार किया गया है और 2.50 करोड़ रुपये के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में बिक्री की यह राशि 2.50 करोड़ रुपये से अधिक होगी।

इसके साथ ही, उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों देने वाले कलाकारों और शिल्पकारों को भी धन्यवाद दिया और घोषणा की कि राज्य की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों पर लगने वाले शुल्क को माफ किया जाएगा।

औद्योगिक विकास की ओर कदम

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए विभिन्न महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं की योजना बनाई है। जिसमें दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, और भारतमाला और पर्वतमाला परियोजना शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि "2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन किया था, जिसके सुखद परिणाम हमारे सामने हैं।" इस समिट के माध्यम से प्राप्त 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों में से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ बनाई गई हैं। इसके साथ ही, 'हाउस ऑफ हिमालयाज' ब्रांड के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने का प्रयास भी किया गया है।

धामी ने कहा कि "हमारे समग्र प्रयासों का परिणाम है कि राज्य ने विभिन्न चुनौतियों के बावजूद पिछले चार वर्षों में कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।"

देवभूमि का मौलिक स्वरूप बनाए रखना

मुख्यमंत्री ने कहा कि "हमारी सरकार ने राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए हैं।" साथ ही, ऑपरेशन कालनेमी के तहत हमने संस्कृति को बदनाम करने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही की है।

उन्होंने नागरिकों से "स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ" के मंत्र का पालन करने की अपील की और कहा कि यह हमें आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में मदद करेगा।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभा के अंत में सभी प्रवासी उत्तराखंडियों से अपने राज्य के विकास में सहयोग करने का अनुरोध किया और सभी निवेशकों को हर सम्भव सहायता प्रदान करने का विश्वास दिलाया।

मुख्यमंत्री का उद्देश्य सभी के सहयोग से एक सशक्त और समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण करना है, जिससे राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा सकें।

इस अवसर पर उपस्थित जनों में लोकसभा सांसद राजलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, उद्योग सचिव विनय शंकर, तथा अन्य महत्वपूर्ण हस्तियाँ शामिल थीं।

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सादर, टीम PWC News (नीनू शर्मा)

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