उत्तराखंड में स्थायी निवास प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी, मुख्यमंत्री धामी का बड़ा संकेत
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राज्य के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य के विकास कार्यों की प्रगति, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण और प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की रजत जयंती पर सफल कार्यक्रम के आयोजन के लिए […] The post उत्तराखंड में पिछले तीन सालों के अंदर बने स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की होगी जांच, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश appeared first on Devbhoomisamvad.com.
उत्तराखंड में स्थायी निवास प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी, मुख्यमंत्री धामी का बड़ा संकेत
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राज्य के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास कार्यों की प्रगति, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण एवं प्रशासनिक सुधारों की पूरी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राज्य स्थापना की रजत जयंती पर सफल कार्यक्रम के आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी और इस दौरान राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए मार्गदर्शन का उल्लेख किया।
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री ने पिछले तीन सालों में बने स्थायी निवास प्रमाणपत्रों की जांच का निर्देश दिया है, जिससे अवैध प्रमाणपत्रों के मामलों पर काबू पाया जा सकेगा। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News
सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए नई योजनाएँ
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के विज़न पर जोर दिया। उन्होंने ‘एक जिला, एक मेला’ अभियान के महत्व को रेखांकित किया और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए मेलों के पर्यावरण-सम्मत और भव्य आयोजन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत चयनित मेलों को राजकीय मेला घोषित किया जाएगा, जिससे उन्हें विशेष संरक्षण, वित्तीय सहायता और प्रचार-प्रसार का लाभ मिलेगा।
योग, आयुर्वेद और ध्यान के केंद्रों की स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने में योग, आयुर्वेद और ध्यान के केंद्रों का विस्तार आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में एक गाँव को “आध्यात्मिक गाँव” के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल के अंतर्गत गाँव में योग प्रशिक्षण केंद्र, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधा, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रदान किए जाएंगे। इससे न केवल स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि राज्य को पर्यटन व स्वास्थ्य से जुड़ी नई पहचान भी मिलेगी।
शीतकालीन चार धाम यात्रा और पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने शीतकालीन चार धाम यात्रा और बारहमासी पर्यटन की तैयारियों को तेज करने के निर्देश दिए। इस संबंध में, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में होटलों, होमस्टे संचालकों एवं अन्य सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कुमाऊँ मंडल विकास निगम (केएमवीएन) और गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को विशेष छूट पैकेज तैयार करने का निर्देश दिया ताकि अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
सीएसआर फंड का सही उपयोग
सीएसआर फंड का उपयोग जनहित के कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फंड ऐसे कार्यों के लिए प्राथमिकता पर लागू हो, जिनसे आम जनता को सीधे लाभ मिल सके।
सुरक्षा में सुधार और सत्यापन अभियान
राष्ट्रीय और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर नियमित सत्यापन और निरीक्षण अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। सीमा क्षेत्रों में विशेष निगरानी और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बात भी कही।
अवैध स्थायी निवास प्रमाणपत्रों पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को पिछले तीन वर्षों में बने स्थायी निवास प्रमाणपत्रों की जांच करने का आदेश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी तरह का गलत प्रमाणपत्र मिला तो जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार और कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिक जानकारी के लिए, हमारा पोर्टल देखें: PWC News. यह समाचार आपको समय पर जानकारी और अपडेट प्रदान करने के लिए है।
सादर,
टीम PWC News
मेघा शर्मा
What's Your Reaction?