कांग्रेस अपने वोट चोरी के आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण पेश करे: चौहान की मांग

मोदी-धामी के विकास के सामने कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ वाला नैरेटिव खोखला मतदाता सूची का सत्यापन संवैधानिक प्रक्रिया, भ्रम न फैलाये कांग्रेस देहरादून। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अपने गंभीर आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण नहीं हैं, […] The post वोट चोरी के आरोप और नारेबाजी के बजाय प्रमाण दे कांग्रेस: चौहान appeared first on Uttarakhand News Update.

Sep 26, 2026 - 18:53
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कांग्रेस अपने वोट चोरी के आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण पेश करे: चौहान की मांग

कांग्रेस अपने वोट चोरी के आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण पेश करे: चौहान की मांग

मोदी-धामी के विकास के सामने कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ वाला नैरेटिव खोखला साबित हुआ

कम शब्दों में कहें तो, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाने के बावजूद ठोस प्रमाण न होने की बात कही गई है।

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देहरादून। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस के हालिया प्रदर्शनों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अपने द्वारा किए गए गंभीर आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस प्रमाण नहीं है। इसके बजाय, वह सड़क पर प्रदर्शन करके राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। चौहान ने स्पष्ट किया कि केवल पीपीटी दिखाने और नारे लगाने से ‘वोट चोरी’ का आरोप सच नहीं हो जाता, और कांग्रेस को इसे लेकर स्पष्टता प्रदान करनी चाहिए कि उनके आरोपों का ठोस आधार क्या है।

मतदाता सूची का सत्यापन: संवैधानिक प्रक्रिया

चौहान ने जोर देते हुए कहा कि मतदाता सूची का सत्यापन चुनावी लोकतंत्र की एक सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया है। इसे ‘वोट चोरी’ बताते हुए कांग्रेस का यह वाक्याबली जनता को भ्रमित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में मृतक, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान करना और नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना निर्वाचन प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है। इस प्रक्रिया के माध्यम से चुनावी पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया जाता है।

चौहान ने कांग्रेस से पूछा कि क्या मतदाता सूची को सत्यापित और अद्यतन नहीं किया जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि 13 करोड़ मतदाताओं के नामों को हटाने का दावा वास्तविकता को एकतरफा ढंग से पेश करता है। ऐसे नामों को सीधे ‘वोट चोरी’ बताना एक तथ्य नहीं है, बल्कि यह सिर्फ एक राजनीतिक आरोप है। यदि कांग्रेस के पास किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाए जाने का प्रमाण है, तो उसे वह सामने रखना चाहिए।

कांग्रेस के एंटी-इनकंबेंसी के दावे

चौहान ने राहुल गांधी के एंटी-इनकंबेंसी के सिद्धांत पर टिप्पणी की, यह सुझाव देते हुए कि उन्हें उत्तराखंड में कांग्रेस के खिलाफ बनी एंटी-इनकंबेंसी के इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान राज्य ने भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े गंभीर विवादों का सामना किया है। खासकर, तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के कथित स्टिंग ऑपरेशन ने कांग्रेस के शासन पर संदेह के बादल डाले थे।

इस संदर्भ में, उन्होंने 2016 के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती से जुड़ी प्रवर्तन निदेशालय की जांच का भी उल्लेख किया, जो इस बात को दर्शाता है कि कांग्रेस के शासन काल में हुए भ्रष्टाचार पर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की थी।

विकास की दिशा में भाजपा का नजरिया

चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में हो रहे विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चारधाम ऑल-वेदर रोड, दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर, और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट धरातल पर उतर चुके हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास को रोजगार, निवेश, महिला सशक्तिकरण, और जनहित की योजनाओं से जोड़ा है। यह भी उन्हें केंद्र सरकार के सहयोग से विभिन्न विकास परियोजनाओं को लागू करने में एक महत्वपूर्ण पहलू बताया।

चुनाव आयोग पर आरोप लगाने का खतरा

चौहान ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाने को लेकर कांग्रेस को चेताया। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ‘वोट चोरी’ का आरोप लगा रही है, तो उसे प्रमाणों के साथ सामने आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के आंतरिक विषयों को अंतिम निर्णय के रूप में प्रस्तुत करना राजनीतिक भ्रम फैलाने के समान है।

चौहान ने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति पर आत्ममंथन करना चाहिए और हर चुनावी प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा करने के बजाय संगठन के अंदर के कमजोरियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अंततः, जनता नारेबाजी और पीपीटी से अधिक काम के रिकॉर्ड और तथ्यों को ही महत्व देती है। कांग्रेस चाहे जितना ‘वोट चोरी’ का शोर मचाए, जनता उतना ही प्रमाण मांगेगी, और राहुल गांधी को अपनी पार्टी के लिए जनता के सवालों का जवाब देना होगा।

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टीम PWC News

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