चंपावत में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना का ऐलान: सीएम धामी का बड़ा कदम
Champawat News- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शारदा घाट, टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹20.50 करोड़ की 10 विकास योजनाओं Source
चंपावत में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना का ऐलान: सीएम धामी का बड़ा कदम
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कम शब्दों में कहें तो, चंपावत में एक नया कृषि विश्वविद्यालय खोला जाएगा, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा और विकास को नया दिशा मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को टनकपुर के शारदा घाट में आयोजित एक कार्यक्रम में इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय कृषि क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों और ज्ञान का संचार करेगा। इसके साथ ही, उन्होंने ₹20.50 करोड़ की 10 विकास योजनाओं का भी एलान किया।
कृषि विश्वविद्यालय का महत्व
चंपावत जिले में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड की कृषि परंपरा को देखते हुए, विश्वविद्यालय स्थानीय किसानों को बेहतरीन शोध, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि और कृषि उत्पादकता में सुधार की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि यह कृषि विश्वविद्यालय राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दे रही है और किसानों के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
विकास योजनाएं
सीएम ने ₹20.50 करोड़ की 10 विकास योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि ये योजनाएं स्थानीय श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगी और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।
आगे की योजनाएं
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वह आने वाले वर्षों में कृषि के क्षेत्र में और भी सुधार लाए और यहाँ के किसानों को नवीनतम तकनीक तथा संसाधनों से लैस करे। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि चंपावत में कृषि विश्वविद्यालय की शुरुआत इस दिशा में एक नई मिसाल कायम करेगी।
इस आयोजन में स्थानीय जन प्रतिनिधियों और किसानों ने भी भाग लिया और उन्होंने इस निर्णय का स्वागत किया। स्थानीय समुदाय ने उम्मीद जताई है कि यह विश्वविद्यालय उनकी कृषि विकास की दिशा में बहुत सहायक सिद्ध होगा।
इसके अलावा, सरकार ने कृषि तकनीकों के विकास और उनके प्रसार के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है। इससे न केवल चंपावत, बल्कि सम्पूर्ण उत्तराखंड के कृषि क्षेत्र में क्रांति आएगी।
निष्कर्ष के तौर पर, चंपावत में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना से न सिर्फ स्थानीय किसानों को नई तकनीकों का ज्ञान मिलेगा, बल्कि इसे क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।
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टीम PWC न्यूज़ - प्रिया वर्मा
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