चम्पावत में कृषि महाविद्यालय की स्थापना: विधायक प्रतिनिधि तिवारी के प्रयासों का फल

कृषि महाविद्यालय खोलने को लेकर कुछ समय पूर्व दिया था ज्ञापन, कल CM धामी ने टनकपुर में किया चम्पावत में

Oct 26, 2025 - 09:53
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चम्पावत में कृषि महाविद्यालय की स्थापना: विधायक प्रतिनिधि तिवारी के प्रयासों का फल

चम्पावत में कृषि महाविद्यालय की स्थापना: विधायक प्रतिनिधि तिवारी के प्रयासों का फल

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कम शब्दों में कहें तो, चम्पावत में कृषि महाविद्यालय की स्थापना एक महत्वपूर्ण विकास है जो क्षेत्र के किसानों के लिए नई संभावनाएँ खोलेगा।

स्थिति का सारांश

हाल ही में, चम्पावत जिले में कृषि महाविद्यालय खोलने के लिए विधायक प्रतिनिधि तिवारी ने सरकार को ज्ञापन सौंपा था। इस विषय पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 24 अक्टूबर को टनकपुर में औपचारिक रूप से घोषणा की। यह घोषणा न केवल दूरदर्शिता का संकेत है बल्कि जिले के कृषि विकास में एक नई दिशा भी प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री की घोषणा

सीएम धामी का यह ऐलान चम्पावत की कृषि पैदावार को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस महाविद्यालय के माध्यम से स्थानीय किसानों को उन्नत तकनीक और शिक्षा प्रदान की जाएगी। इससे कृषि उत्पादन में गुणात्मक सुधार होगा और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।

विधायक प्रतिनिधि तिवारी का योगदान

विधायक प्रतिनिधि तिवारी की कड़ी मेहनत और प्रयासों का यह परिणाम है कि आज चम्पावत में कृषि महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। उनकी टीम ने समय-समय पर प्रशासनिक स्तर पर उच्च अधिकारियों के साथ बैठकें कीं और कृषि महाविद्यालय की आवश्यकता पर जोर दिया। तिवारी का धैर्य और संघर्ष अब फल दे रहा है, जिससे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था में बदलाव आएगा।

कृषि महाविद्यालय के लाभ

कृषि महाविद्यालय की स्थापना से कई लाभ मिलने की संभावनाएँ हैं:

  • शिक्षा और प्रशिक्षण: किसानों को उन्नत कृषि तकनीक और प्रबंधन का ज्ञान मिलेगा।
  • संशोधन और अनुसंधान: नए कृषि तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • स्थिति में सुधार: कृषि उत्पादकता में वृद्धि और आर्थिक विकास होगा।
  • स्थानीय रोजगार: नए रोजगार अवसर उत्पन्न होंगे, जिससे बेरोजगारी की समस्या कम होगी।

स्थानीय किसानों की प्रतिक्रिया

चम्पावत जिले के किसान इस घोषणा से काफी खुश हैं। कुछ किसानों ने कहा कि "हम लंबे समय से ऐसे महाविद्यालय की मांग कर रहे थे। अब हमें उम्मीद है कि हम यहां से अपने कृषि कार्यों में सुधार कर सकेंगे।" किसानों की इस सकारात्मक प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि इस महाविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के विकास के लिए अपेक्षित है।

आगे की राह

हालांकि महाविद्यालय की स्थापना एक सुखद स्थिति है, लेकिन यह भी ध्यान रखना होगा कि इस संस्थान को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए एक ठोस योजना बनाई जानी चाहिए। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि महाविद्यालय में योग्य और अनुभवी शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही, महाविद्यालय में आधुनिक कृषि उपकरणों और सुविधाओं का भी प्रावधान होना चाहिए।

निष्कर्ष

चम्पावत में कृषि महाविद्यालय की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल खेती के क्षेत्र में सुधार लाएगी बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। विधायक प्रतिनिधि तिवारी का प्रयास और मुख्यमंत्री की घोषणा इस दिशा में एक सकारात्मक विकास की कहानी है। आने वाले समय में यह महाविद्यालय किसानों के लिए एक अद्भुत संसाधन साबित होगा।

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Team PWC News - साक्षी शर्मा

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