चम्पावत में चैनलिंक: कृषि सुरक्षा के लिए नया अध्याय, 25 क्लस्टरों में होगी सुरक्षित खेती

चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पहाड़ में खेती को पुनर्जीवित करने, फसल सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा कृषि उन्मुख

Nov 21, 2025 - 18:53
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चम्पावत में चैनलिंक: कृषि सुरक्षा के लिए नया अध्याय, 25 क्लस्टरों में होगी सुरक्षित खेती

चम्पावत में चैनलिंक से बनेगा अटूट सुरक्षा घेरा

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कम शब्दों में कहें तो, चम्पावत में चैनलिंक के माध्यम से कृषि सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी, जिससे 25 क्लस्टरों में खेती फुलप्रूफ होगी।

मुख्यमंत्री का संकल्प

चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहाड़ों में कृषि के पुनर्कार्य के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है। उनका उद्देश्य है फसल सुरक्षा को प्राथमिकता देना और कृषि उन्मुख प्रयासों को व्यापक रूप देना। इस दिशा में, जिलाधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में, एक सुदृढ़ कृषि सुरक्षा मॉडल तैयार किया गया है।

जंगली जानवरों से सुरक्षा

किसान लंबे समय से जंगली जानवरों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान को लेकर चिंतित रहे हैं। यह समस्या उनके लिए गंभीर रूप से चिंता का विषय बन गई थी। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए एक नया सुरक्षा मॉडल बनाने की पहल की है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनके फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

कृत्रिम चक्र की उपयोगिता

इस सुरक्षा मॉडल के तहत चैनलिंक का उपयोग किया जाएगा, जो तकनीकी दृष्टि से एक अत्याधुनिक समाधान है। चैनलिंक का प्रयोग किसानों को एक सुदृढ़ और सुरक्षित परिधि प्रदान करेगा, जिससे उन्हें जंगली जानवरों के हमले से बचाया जा सकेगा। इस सुरक्षा घेरे के तहत, 25 कृषि क्लस्टरों में सुरक्षित खेती की जाएगी, जो किसानों के लिए एक नई उम्मीद जागृत करेगा।

किसानों के लिए सकारात्मक पहल

इस योजना के जरिए किसानों को न केवल अपनी फसलों को सुरक्षित रखने का अवसर मिलेगा बल्कि उनके आर्थिक सुधार का एक नया मार्ग भी खोला जाएगा। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में, यह प्रयास वे किसानों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

भविष्य की संभावनाएँ

चम्पावत में इस कृषि सुरक्षा मॉडल की सफलता अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो इसे अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है, जिससे समस्त उत्तराखंड के किसानों को लाभ होगा।

किसान गांव के विकास और कृषि सुरक्षा के लिए इस तरह के प्रयासों की आवश्यकता है और यह कदम निश्चित रूप से एक नई दिशा में ले जाएगा।

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साइन ऑफ - टीम PWC News, दीप्ति शर्मा

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