दून उद्योग व्यापार मंडल ने 11 जनवरी के बंद को किया खारिज, बताया राजनीति से प्रेरित

विषय : दून उद्योग व्यापार मंडल 11 जनवरी के बंद में सम्मिलित नहीं, बताया सीबीआई जांच पर मुख्यमंत्री जी की संस्तुति और विधिक कार्रवाई हो चुकने के बाद औचित्यहीन और राजनीति से प्रेरित बन्द । देहरादून 10 जनवरी, 2026 को दून उद्योग व्यापार मण्डल की पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में सर्व सम्मति […] The post 11 जनवरी के बंद से दून उद्योग व्यापार मंडल अलग, बताया औचित्यहीन और राजनीति से प्रेरित appeared first on Uttarakhand News Update.

Jan 10, 2026 - 18:53
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दून उद्योग व्यापार मंडल ने 11 जनवरी के बंद को किया खारिज, बताया राजनीति से प्रेरित

दून उद्योग व्यापार मंडल ने 11 जनवरी के बंद को किया खारिज, बताया राजनीति से प्रेरित

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कम शब्दों में कहें तो, दून उद्योग व्यापार मंडल ने 11 जनवरी के बंद में शामिल होने से इंकार किया है और इस बंद को सीबीआई जांच और विधिक कार्रवाई के बाद औचित्यहीन एवं राजनीति से प्रेरित बताया है।

देहरादून, 10 जनवरी 2026। दून उद्योग व्यापार मंडल ने आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जिसमें 11 जनवरी को प्रस्तावित उत्तराखंड बंद पर चर्चा की गई। इस बैठक में सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से तय किया कि वे इस बंद में सम्मिलित नहीं होंगे। अध्यक्ष विपिन नागलिया ने कहा कि यह बंद पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और व्यापारियों को नुकसान पहुंचाने के लिए ही बुलाया गया है।

बैठक में उठे महत्वपूर्ण बिंदु

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद सीबीआई जांच पर मुख्यमंत्री द्वारा संस्तुति दी जा चुकी है और सभी आरोपी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। ऐसे में इस बंद का कोई औचित्य नहीं है। नागलिया ने कहा, "व्यापारी वर्ग को कोई भी राजनीति के छलावे में नहीं आना चाहिए।" उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों द्वारा जो बंद आह्वान किया गया है, उसका उद्देश्य केवल व्यापारी वर्ग को नुकसान पहुंचाना है।

व्यापारियों की सुरक्षा की चिंता

दून उद्योग व्यापार मंडल के महासचिव सुनिल मैंसोंन ने कहा कि यदि किसी व्यापारी के साथ कोई दुर्व्यवहार किया गया, तो उसकी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस से मांग की कि यदि कोई उपद्रव करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि देहरादून का शांतिप्रिय माहौल खराब न हो।

राजनीतिक मंडलियों का आरोप

बैठक में यह भी कहा गया कि किसी भी संगठन ने दून उद्योग व्यापार मंडल से संवाद नहीं किया है और ना ही कोई समर्थन मांगा गया है। यह एकतरफा घोषणा है जिसका कोई अर्थ नहीं है। व्यापारी वर्ग ने इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक संगठनों द्वारा उठाए गए मुद्दों को राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।

सकारात्मक कदम और सरकार का हस्तक्षेप

Nagalya ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने इस मामले में सक्रियता दिखाई है और सीबीआई जांच की मांग भी पीड़ित परिवार ने की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ित परिवार के साथ मुलाकात की और उनकी मांगों का संज्ञान लिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और इस स्थिति में आंदोलन करना अनुचित है।

दून उद्योग व्यापार मंडल के कार्य की नीति

दून उद्योग व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि उनका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे। मंडल ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे अपने व्यवसाय को जारी रखें और इस बंद के झांसे में न आएं।

अंत में, विपिन नागलिया ने जोर देकर कहा कि "प्रदेश का माहौल बिगड़ने नहीं देना चाहिए। व्यापारी वर्ग हमेशा प्रदेश हित में कार्य करता आया है।"

इस स्थिति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, व्यापारियों ने एकजुटता के साथ यह संदेश दिया है कि उन्हें इस तरह की राजनीति से कोई लेना देना नहीं है और वे अपने व्यवसाय को निरंतर चलाएंगे।

इस प्रकार, दून उद्योग व्यापार मंडल ने 11 जनवरी के बंद को खारिज कर दिया है और व्यापारी वर्ग से अपील की है कि वे अपने व्यवसाय को यथावत जारी रखें।

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Team PWC News
अंजलि शर्मा

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