दून मेडिकल कॉलेज रैगिंग मामला: स्वास्थ्य मंत्री की कार्रवाई, दो छात्र हॉस्टल से निष्कासित

देहरादून। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में 2025 बैच के जूनियर छात्र के

Jan 19, 2026 - 00:53
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दून मेडिकल कॉलेज रैगिंग मामला: स्वास्थ्य मंत्री की कार्रवाई, दो छात्र हॉस्टल से निष्कासित

दून मेडिकल कॉलेज रैगिंग मामला: स्वास्थ्य मंत्री की कार्रवाई, दो छात्र हॉस्टल से निष्कासित

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के दून मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्र के साथ हुई रैगिंग के मामले में स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कड़ा एक्शन लिया है।

देहरादून। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में हाल ही में 2025 बैच के एक जूनियर छात्र के साथ हुई रैगिंग की घटना का संज्ञान लिया है। मंत्री ने न केवल इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं, बल्कि इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना भी करार दिया है। इस मामले में दो छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है, जो रैगिंग में शामिल थे।

जांच की होगी विस्तृत रिपोर्ट

स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन को निर्देश दिया है कि वे मामले की विस्तृत जांच कराएं और रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस जांच में यह तय किया जाएगा कि क्या कॉलेज प्रशासन ने पहले से स्थापित नियमों और नीतियों का सही तरीके से पालन किया है या नहीं। कॉलेज के कार्यों और नियमावली का पालन कराकर भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोकने का प्रयास किया जाएगा।

रैगिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता

रैगिंग एक गंभीर मुद्दा है जो युवा छात्रों की मानसिकता और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस घटना को लेकर चिंता जताई है और उन्होंने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "हम छात्रों की सुरक्षा और उनके शैक्षणिक वातावरण को संरक्षित करने के लिए गंभीरता से कार्य करेंगे।"

छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता

इन मामलों में सुधार लाने के लिए, कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जरूरत है, जिससे छात्र रैगिंग की गंभीरता को समझें। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, सरकार ऐसे प्रयास करेगी कि सभी शिक्षण संस्थान इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सकारात्मक कदम उठाएं।

यह घटना न केवल दून मेडिकल कॉलेज, बल्कि सभी कॉलेजों के लिए एक सीख है कि रैगिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। इससे न केवल कॉलेज की छवि खराब होती है, बल्कि यह छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।

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टीम PWC News
साक्षी वर्मा

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