पौड़ी में गुलदार का आतंक: एक और महिला पर जानलेवा हमला, ग्रामीणों का जाम
पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी जनपद में गुलदार का आतंक जारी है। गुलदार ने बीते 24 घंटो के अंदर एक महिला की जान ले ली जबकि एक महिला को बुरी तरह से जख्मी कर दिया है। बतादें कि कल (गुरुवार) शाम को खेतों में घास काट रही खिर्सू ब्लॉक के कोटी गाँव की 60 वर्षीय महिला गिन्नी […]
पौड़ी गढ़वाल: गुलदार का आतंक जारी
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कम शब्दों में कहें तो पौड़ी जनपद में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में हुए दो घटनाओं ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश पैदा कर दिया है। एक महिला की जान चली गई, जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल हुई। इस बढ़ते खतरे का सामना करने के लिए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
गुलदार के हमले का विवरण
पौड़ी गढ़वाल जनपद के कोटी गाँव में पिछले 24 घंटों के दौरान एक और भयानक घटना घटी है। बुधवार शाम को 60 वर्षीय गिन्नी देवी खेतों में घास काटते समय गुलदार के हमले का शिकार हुईं। ऐसा माना जा रहा है कि गुलदार ने तेजी से हमला किया और उन्हें बचने का कोई अवसर नहीं मिल पाया। इस घटना के महज एक दिन बाद, डोभाल ढांडरी गांव में 62 वर्षीय भगवान देवी पर भी गुलदार ने हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें गंभीर चोट आई। उनके उपचार के लिए उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लाया गया।
इसके अलावा, पिछले एक सप्ताह से लापता प्रकाश चंद्र का शव भी जंगल में मिला, जिसे गुलदार द्वारा निवाला बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। इन घटनाओं ने ग्रामीणों में डर और आक्रोश पैदा कर दिया है।
ग्रामीणों का आक्रोश और प्रदर्शन
उदित खंडाह बाजार में, स्थानीय लोगों ने बुधवार को अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सड़क जाम कर दिया। लोगों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू की और स्पष्ट रूप से गुलदार को आदमखोर घोषित करने तथा उसे ठिकाने लगाने की मांग की। प्रदर्शन में क्षेत्रीय नेता भी शामिल हुए और सभी ने एक आवाज में सुरक्षा की मांग की। इस दौरान राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था बाधित हो गई जिससे आवश्यक सेवाओं में भी अव्यवस्था उत्पन्न हुई।
गांव के नेताओं ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि ये हमले जारी रहे तो वे गांव में रह सकने में असमर्थ होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पलायन की स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। उनके अनुसार, प्रशासन और वन विभाग को इस संकट का समाधान तुरंत करना चाहिए।
संभावित उपायों की बात करें, तो नेताओं और ग्रामीणों ने गुलदार को शिकार करने और क्षेत्र में पिंजरे लगाने की मांग की है। इस बीच, मौके पर पहुंची एसडीएम श्रीनगर नूपुर वर्मा ने ग्रामीणों की बात सुनी और कहा कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं की स्थिति
गुलदार के बढ़ते आतंक ने महिलाओं की दिनचर्या को काफी प्रभावित किया है। स्थानीय निवासी पिंकी देवी और मकानी देवी ने बताया कि वे अपने दैनिक कार्यों में डर के साये में जी रही हैं। छोटे बच्चों को स्कूल भेजना और खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। सभी ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग उठाई है।
गुलदार का यह मुद्दा केवल वन्यजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डाल रहा है। इस संकट को समाप्त करने के लिए आवश्यक है कि प्रशासन तात्कालिक कदम उठाए।
इस लेख के माध्यम से हमारी कोशिश है कि संबंधित प्रशासन और वन विभाग इस गंभीर समस्या को समझें और कुछ ठोस कदम उठाएं ताकि लोगों को सुरक्षित महसूस हो।
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सादर, टीम PWC News (सुमिता शर्मा)
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