बंगापानी में गोरी नदी में पिता की आंखों के सामने खो गया इकलौता बेटा, 9 वर्षीय रियांश का अभी तक नहीं मिला सुराग

बेटे को बचाने के लिए पिता ने उफनती नदी में लगाई छलांग, लेकिन तेज बहाव के आगे रहे बेबस; SDRF,

Jul 5, 2026 - 00:53
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बंगापानी में गोरी नदी में पिता की आंखों के सामने खो गया इकलौता बेटा, 9 वर्षीय रियांश का अभी तक नहीं मिला सुराग

बंगापानी में गोरी नदी में पिता की आंखों के सामने खो गया इकलौता बेटा, 9 वर्षीय रियांश का अभी तक नहीं मिला सुराग

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कम शब्दों में कहें तो, पिथौरागढ़ जिले के बंगापानी क्षेत्र में एक पिता की आंखों के सामने उसकी नौ वर्षीय संतान, रियांश, गोरी नदी की तेज धारा में बह गया। उसका बचाने के लिए पिता ने अपनी जान की परवाह किए बिना छलांग लगाई, लेकिन नदी की भयंकर धारा के आगे वे बेबस साबित हुए। अब दूसरे दिन भी रियांश का कोई पता नहीं चला है, जिससे परिवार और गांव में शोक और चिंता का माहौल है।

बचाव टीमों का अभियान जारी

सर्च ऑपरेशन में SDRF (State Disaster Response Force), NDRF (National Disaster Response Force) और पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। वे गोरी नदी के आसपास के क्षेत्रों में सभी संभावित ठिकानों की तलाशी ले रही हैं। स्थानीय लोगों के सहयोग से बचाव अभियान लगातार चल रहा है, लेकिन कठिनाइयाँ बढ़ती जा रही हैं।

घटना का विवरण

इस त्रासदी का घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब रियांश अपने दोस्तों के साथ गोरी नदी के किनारे खेल रहा था। अचानक, वह नदी में गिर गया। उसके पिता ने उसे बचाने का प्रयास किया और उफनती धारा में कूद पड़े। परंतु, नदी की तेज गति के आगे उनका प्रयास विफल हो गया। इस घटना ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया है और हर कोई इस नन्हे बच्चे के सुरक्षित लौटने की उम्मीद कर रहा है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएं अक्सर होती हैं, विशेषकर बारिश के बाद जब नदी का जल स्तर बढ़ जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि जल संरक्षण और सुरक्षा के उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता है जिससे भविष्य में ऐसी त्रासदियाँ न हों।

रिस्क्यू ऑपरेशन में चुनौतियाँ

बचाव दल को अत्यधिक बर्फबारी और ठंड के मौसम के चलते भी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। नदी की सतह पर बर्फ जमा होने से रेस्क्यू ऑपरेशन में रुकावट उत्पन्न हो रही है। यह भी चिंता का विषय है कि यदि जल स्तर और बढ़ता है तो संभावित दबाव लीवर भी बढ़ जाएगा।

समुदाय की एकजुटता

इस परिस्थिति में, गाँव का हर सदस्य एकजुट होकर संकट से निपटने के लिए तैयार है। हर कोई अपने-अपने स्तर पर मदद कर रहा है, यह दिखाते हुए कि संकट के समय में इंसानियत हमेशा आगे आती है।

परिवार की स्थिति

रियांश के माता-पिता की स्थिति बेहद खराब है। उनका दर्द महसूस करना कठिन है। गाँव के लोग उनके साथ खड़े हैं और संकट की इस घड़ी में उन्हें सांत्वना देने का प्रयास कर रहे हैं। हर कोई भगवान से प्रार्थना कर रहा है कि रियांश सुरक्षित वापस लौट आए।

इस घटना ने केवल परिवार को नहीं, बल्कि समस्त गाँव को दुखी किया है। सभी की दिल की गहराइयों में एक खटका है और उनके सुरक्षित लौटने की कामना कर रहे हैं।

यदि आपके पास इस घटनाक्रम से संबंधित कोई जानकारी है, तो कृपया संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

अधिक अपडेट के लिए यहाँ क्लिक करें.

Team PWC News - राधिका

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