बद्रीनाथ में दान चढ़ावे की अनियमितताओं पर राज्य सरकार का सख्त एक्शन, उच्च स्तरीय समिति गठित

खबर संसार देहरादून.बद्रीनाथ में दान चढ़ावे के प्रकरण पर सरकार सख्त, उच्च स्तरीय कमेटी करेगी जांच, अनुशासनहीनता पर एक कार्मिक निलंबित,मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार एक्शन मोड पर,बीकेटीसी कार्मिक पर गिरी गाज, एफआईआर दर्ज,र्श्री बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे आदि के संबंध में प्राप्त कथित अनियमितताओं की शिकायत पर मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी […] The post बद्रीनाथ में दान चढ़ावे के प्रकरण पर सरकार सख्त, उच्च स्तरीय कमेटी करेगी जांच appeared first on Khabar Sansar News.

Jul 8, 2026 - 09:53
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बद्रीनाथ में दान चढ़ावे की अनियमितताओं पर राज्य सरकार का सख्त एक्शन, उच्च स्तरीय समिति गठित

बद्रीनाथ में दान चढ़ावे की अनियमितताओं पर राज्य सरकार का सख्त एक्शन

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कम शब्दों में कहें तो, बद्रीनाथ में दान चढ़ावे की अनियमितताओं की शिकायतों पर राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर बीकेटीसी के एक कार्मिक को निलंबित किया गया है और एफआईआर भी दर्ज की गई है।

देहरादून से मिली खबर के अनुसार, श्री बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की शिकायतों के चलते राज्य सरकार सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री धामी ने निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया है। इस मामले की संदिग्धता को ध्यान में रखते हुए आयुक्त गढ़वाल मंडल, आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है जिसका उद्देश्य इन दरबारी कार्यों की गहनता से जांच करना है।

उच्च स्तरीय समिति का गठन

इस समिति में प्रमुख सदस्यों के रूप में प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी तथा स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को शामिल किया गया है। सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सबमिट करनी है। रिपोर्ट में दान-चढ़ावे की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।

निलंबन की आवश्यकताएं

निलंबन के तहत प्रमोद नौटियाल को बीकेटीसी कार्यालय जोशीमठ से संबद्ध कर दिया गया है, और उन्हें मुख्यालय छोड़ने के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति लेनी होगी। उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा। यह निलंबन इसलिए आवश्यक समझा गया ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे।

सरकार की छवि पर भी प्रभाव

इस मामले को लेकर सरकार की छवि को गंभीरतम खतरा पैदा हो गया था, क्योंकि धार्मिक स्थलों में होने वाली अनियमितताओं से श्रद्धालुओं की भावनाएँ आहत होती हैं। राज्य सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं को पारदर्शित और जवाबदेह बनाने के लिए तैयार है।

बीकेटीसी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में और अनियमितताएँ सामने आती हैं, तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों पर हितों की रक्षा के लिए कितनी गंभीर है।

इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार जल्द से जल्द उचित कदम उठाने जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को शांति और विश्वास का अनुभव हो सके। इसके अलावा, इन सुधारात्मक उपायों के माध्यम से ये सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी दान-चढ़ावे की प्रक्रियाएँ पारदर्शी और व्यवस्थित बने रहें।

जाते-जाते इतना याद रखें कि पारदर्शिता और जवाबदेही ही एक सफल प्रशासन का मुख्य आधार है। राज्य सरकार का यह कदम निश्चित रूप से धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में सुधार लाएगा।

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सादर, टीम PWC न्यूज़

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