भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं की ‘बुद्धि शुद्धि’ के लिए किया हवन यज्ञ
उत्तराखंड की सियासत में रविवार को हल्द्वानी से एक अलग ही तस्वीर सामने आई। आज दिनांक 11 जनवरी 2026, रविवार को भारतीय जनता पार्टी कुमाऊं संभाग कार्यालय, हल्द्वानी में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस पदाधिकारियों की “बुद्धि शुद्धि” के उद्देश्य से भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हवन यज्ञ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का […] The post कांग्रेस नेताओं की ‘बुद्धि शुद्धि’ के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने कराया हवन यज्ञ appeared first on Khabar Sansar News.
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं की ‘बुद्धि शुद्धि’ के लिए किया हवन यज्ञ
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के हल्द्वानी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं की ‘बुद्धि शुद्धि’ के लिए एक हवन यज्ञ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 11 जनवरी 2026 को भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में हुआ, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
इस आयोजन का नेतृत्व नैंital के भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट ने किया। हवन यज्ञ के दौरान मंत्रोच्चारण के साथ वैदिक अनुष्ठान किया गया और कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया गया। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण था।
“कांग्रेस के पास विरोध के अलावा कुछ नहीं” – प्रताप सिंह बिष्ट
हवन यज्ञ के बाद अपना बयान देते हुए, प्रताप सिंह बिष्ट ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में विकास को नई दिशा दी है। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से उत्तराखंड में चहुंमुखी विकास हो रहा है, जो कांग्रेस को स्वीकार नहीं हो रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ भ्रम, झूठ और अफवाहों के आधार पर राजनीति कर रही है। बिष्ट ने कहा, “कांग्रेस को विकास दिखाई नहीं देता, इसलिए वह जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, लेकिन उत्तराखंड की जनता सब समझती है और बहकावे में आने वाली नहीं है।”
भाजपा नेताओं की मजबूत मौजूदगी
इस हवन यज्ञ में भाजपा के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें जिला महामंत्री रंजन सिंह बर्गली, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी प्रदीप जनौटी, और प्रदेश महामंत्री युवा मोर्चा दीपेंद्र कोश्यारी जैसे नेता शामिल थे। दौड़ में दर्जा राज्यमंत्री रेनू अधिकारी भी उपस्थित रहीं, जिनसे विभिन्न पहलुओं पर सांस्कृतिक और राजनीतिक संवाद हुआ।
महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, मंडल अध्यक्षों और जिला पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक सशक्त बना दिया। भाजपा के इस आयोजन को कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक संदेश और सांस्कृतिक प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और भी तूल पकड़ सकता है।
जनता की आवाज और संभावित प्रभाव
उत्तराखंड की राजनीतिक स्थिति को देखते हुए, भाजपा का यह कदम दर्शाता है कि पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। यह न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम था, बल्कि कांग्रेस के खिलाफ भाजपा की भावना को व्यक्त करने का एक जरिया भी था। यह साफ है कि भाजपा आने वाले चुनावों में जनता के बीच अपनी छवि को और भी बेहतर बनाने के लिए इस तरह के कदम उठाएगी।
इस प्रकार के आयोजन उत्तराखंड की राजनीति में विभिन्न सुरक्षाओं और दृष्टिकोन को प्रस्तुत करते हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं की यह कोशिश उनकी सक्रियता को दिखाती है, जबकि कांग्रेस को यह सोचने पर मजबूर करती है कि वे आगे किस दिशा में बढ़ें।
इस मुद्दे पर गहन विश्लेषण करने की आवश्यकता है, ताकि समझा जा सके कि उत्तराखंड की राजनीति किस दिशा में जा रही है। भविष्य में इस तरह के आयोजनों से भाजपा को कितना लाभ होता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।
जुड़ने के लिए हमारे पोर्टल पर अवश्य आएं।
साक्षात्कार: समीक्षा कुमारी
Team PWC News
What's Your Reaction?