मुख्य सचिव ने दिया Deregulation पर महत्वपूर्ण दिशानिर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में Deregulation(विनियमन मुक्ति) के संबंध में आज सम्बंधित अधिकारियों...

Nov 19, 2025 - 09:53
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मुख्य सचिव ने दिया Deregulation पर महत्वपूर्ण दिशानिर्देश

मुख्य सचिव ने दिया Deregulation पर महत्वपूर्ण दिशानिर्देश

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने Deregulation के मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्हें विनियमन मुक्ति के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आज Deregulation (विनियमन मुक्ति) के संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इसमें उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने प्राथमिक क्षेत्रों में Deregulation से संबंधित आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

बैठक में चर्चा के मुख्य बिंदु

बैठक के दौरान, प्रमुख सचिव ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर Deregulation की कार्रवाई पूर्ण हो सकती है, उस पर नोटिफिकेशन जल्द से जल्द जारी किया जाए। इसके अलावा, जो प्रकरण कैबिनेट स्तर पर संशोधन की आवश्यकता है, उसका विस्तृत विवरण तैयार करना भी अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार को भेजे जाने वाले आवश्यक विवरण को प्रस्तुत करने में कोई चूक न की जाए।

मुख्य सचिव ने Deregulation की प्रक्रिया के तहत पिछले लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया, जिससे राज्य में व्यवसाय और उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वह कार्य को गति दें और संबंधित दस्तावेजों को समय पर तैयार करें।

Deregulation का महत्व

Deregulation न केवल सरकारी दावों को प्रतिस्पर्धी बनाने का एक माध्यम है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर सकता है। एक बार जब व्यवसायों को अपनी गतिविधियों में अधिक स्वतंत्रता मिलने लगेगी, तो इससे नई निवेश अवसर उत्पन्न होंगे और रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Deregulation को सही तरीके से लागू किया जाए, तो यह राज्य की विकास दर को तेजी से बढ़ा सकता है। इससे न केवल व्यवसायों का विस्तार होगा, बल्कि यह स्थानीय उद्यमियों और स्टार्टअप्स को भी मजबूत बनाएगा।

राज्य के विकास में सहयोग

राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे इस कदम से उम्मीद है कि व्यवसायों की वृद्धि और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा। अंततः, यह राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा और औद्योगिक विकास में सहायक होगा।

मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों की अनुपालन में हर विभाग को अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाना होगा ताकि Deregulation की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।

इसके लिए जरूरी है कि सभी संबंधित अधिकारी इस संबंध में कार्यवाही करें और अपने स्तर पर कार्रवाई के लिए गहराई से विचार करें। यह बैठक उन सभी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं।

शासन की इस पहल के तहत अब सभी विभागों को Deregulation प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। ऐसे में सभी विभागों को चाहिए कि वे अपने कार्य में सुगमता लाएं और आवश्यकताओं के आधार पर कार्यवाही करें।

अंत में, हम सभी चाहते हैं कि भारत सरकार अपने निर्णयों को बेहतर बनाते हुए राज्यों के विकास में तेजी लाए। इसके लिए जरूरी है कि सभी स्तर पर सहयोग की भावना बनी रहे।

फिर भी, राज्य की आर्थिक वृद्धि और विकास को सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके सकारात्मक परिणाम आने वाले महीनों में देखने को मिल सकते हैं।

इस प्रकार, इस बैठक में दी गई दिशा-निर्देश राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में उपयोगी साबित होंगी। इसके अलावा, सभी संबंधित अधिकारियों को चाहे वो व्यवसायी हों या सरकारी कर्मचारी, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता होगी।

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Team PWC News
सुषमा शर्मा

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