योगी सरकार की सख्ती: 7 SDM पर गाज गिरने का खतरा, जानिए पूरा मामला
योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 7 SDM पर गाज गिरने का मंडराया खतरा, जी, हां उत्तर प्रदेश में जमीन-जायदाद और राजस्व मामलों के निस्तारण में खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दाखिल-खारिज, पैमाइश, वरासत और राजस्व वादों में खराब रिकॉर्ड वाले सात SDM से लिखित स्पष्टीकरण मांगा […] The post योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 7 SDM पर गाज गिरने का मंडराया खतरा appeared first on Khabar Sansar News.
योगी सरकार की सख्ती: 7 SDM पर गाज गिरने का खतरा, जानिए पूरा मामला
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कम शब्दों में कहें तो उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जमीन-जायदाद और राजस्व मामलों में खराब प्रदर्शन करने वाले सात SDM पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार ने इन अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि क्यों उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई ना की जाए।
सरोजनीनगर SDM का खराब प्रदर्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर राजस्व परिषद ने आरसीसीएमएस (राजस्व कोर्ट कंप्यूटर मैनेजमेंट सिस्टम) के आंकड़ों के आधार पर उन अधिकारियों की पहचान की है जो अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। यदि उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है, तो विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।
लखनऊ की सरोजनीनगर तहसील के SDM (न्यायिक) का प्रदर्शन सर्वाधिक खराब पाया गया है। 22 दिसंबर 2025 से 31 मई 2026 तक उनके न्यायालय में 221 मामले दर्ज हुए, लेकिन केवल 9 मामलों का निस्तारण किया गया, जिससे निस्तारण की दर केवल 4.07 फीसदी रह गई। इसके विपरीत, सदर तहसील के SDM के न्यायालय में 1,000 मामलों में से 403 मामलों का निस्तारण हुआ, जो 40.30 फीसदी की दर है।
23 सितंबर का महत्वपूर्ण समय सीमा
राजस्व परिषद के आयुक्त और सचिव ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो चिन्हित अधिकारियों का लिखित स्पष्टीकरण एकत्रित करें और ये सारी रिपोर्ट 23 सितंबर तक मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जानी है। इस समय सीमा के मद्देनजर अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
एक सप्ताह में 10 तहसीलदार और नायब तहसीलदार निलंबित
हाल ही में, राजस्व मामलों में लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई का दायरा और भी बढ़ गया है। पिछले एक सप्ताह में 10 तहसीलदार और नायब तहसीलदार निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि 13 से अधिक अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मंगलवार को पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया, जिनमें हरदोई के संडीला तहसीलदार अमित यादव, देवरिया के तहसीलदार कृष्ण कुमार मिश्रा, जौनपुर के तहसीलदार सौरभ कुमार, अयोध्या के तत्कालीन नायब तहसीलदार और वर्तमान में गाजीपुर के तहसीलदार रंजन वर्मा और प्रतापगढ़ के तहसीलदार अलख शुक्ला शामिल हैं। इसके पूर्व, 1 सितंबर 2026 को चार तहसीलदारों और एक नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया था।
CM योगी ने दिए थे निस्तारण के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अगस्त 2026 को राजस्व अदालतों में लंबित मामलों की उच्चस्तरीय समीक्षा की थी, जिसमें उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों के निस्तारण को प्राथमिकता देने और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की स्पष्ट निर्देश दिए थे।
अधिकारी भी चिह्नित
राजस्व परिषद की हालिया समीक्षा में मधुबन, मऊ; कुंडा, प्रतापगढ़; और रानीगंज, प्रतापगढ़ के अधिकारियों को भी चिह्नित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मधुबन में 276 में से 55, कुंडा में 297 में से 80, रानीगंज में 418 में से 133, रानीगंज के SDM के 558 में से 183 और कुंडा की SDM के 1,247 में से 511 मामलों का निस्तारण किया गया है।
10 प्वाइंट में पूरी खबर
- राजस्व मामलों में खराब प्रदर्शन वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई।
- 7 SDM सरकार के रडार पर हैं।
- चिह्नित अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- सरोजनीनगर SDM का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।
- सरोजनीनगर में 221 में से केवल 9 मामलों का निस्तारण हुआ।
- सदर तहसील में 1,000 में से 403 मामले निस्तारित हुए।
- 23 सितंबर तक रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जानी है।
- पिछले सप्ताह में 10 तहसीलदार और नायब तहसीलदार निलंबित किए गए।
- 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
- मधुबन, कुंडा और रानीगंज के अधिकारी भी समीक्षा में चिह्नित हुए हैं。
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यह खबर आपको योगी सरकार की सक्रियता और अधिकारियों की कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करती है।
सभी पाठकों से अनुरोध है कि वे मौजूदा घटनाओं पर नज़र रखें, हम लगातार अधिक जानकारी के साथ अपडेट करते रहेंगे।
टीम PWC News - सुषमा शर्मा
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