रुद्रप्रयाग: गुलदार के हमले से ग्रामीण की हत्या, इलाके में फैली दहशत
रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग जिले के ग्रामसभा जोंदला के पाली तोक में बुधवार सुबह करीब 5 बजे 55 वर्षीय मनबर सिंह बिष्ट पर गुलदार ने हमला कर मार डाला। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश व्याप्त है। जिले में एक वर्ष के भीतर ही 4 लोगों की मौत हो गई है, वहीं […] The post रुद्रप्रयाग: गुलदार ने गौशाला जा रहे ग्रामीण को बनाया निवाला, घटनास्थल से 200 मीटर दूर मिला शव appeared first on Devbhoomisamvad.com.
रुद्रप्रयाग: गुलदार ने गौशाला जा रहे ग्रामीण को बनाया निवाला, घटनास्थल से 200 मीटर दूर मिला शव
कम शब्दों में कहें तो, रुद्रप्रयाग जिले के जोंदला क्षेत्र में गुलदार के हमले में एक 55 वर्षीय ग्रामीण, मनबर सिंह बिष्ट, की जीवन लीला समाप्त हो गई। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल फैला दिया है।
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रुद्रप्रयाग जिले के ग्रामसभा जोंदला के पाली तोक में बुधवार, सुबह करीब 5 बजे, मनबर सिंह बिष्ट पर एक गुलदार ने हमला कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद से क्षेत्र भर में आक्रोश और आतंक का माहौल बना हुआ है, क्योंकि पिछले एक साल में जिले में यह चौथी व्यक्ति की जान है, जो गुलदार के हमले का शिकार बनी है। जानकारी के अनुसार, इस हमले में 12 लोगों को भी चोटें आई हैं।
घटना का विवरण
विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के मुताबिक, मनबर सिंह बिष्ट अपने घर से गौशाला जा रहे थे, जब गुलदार ने अचानक उन पर वार किया। जब वह घर नहीं लौटे, तो परिवार वालों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उनकी तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान, उन्हें गौशाला के पास खून के धब्बे मिले और लगभग 200 मीटर दूर मनबर का शव मिला, जो बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो चुका था।
परिवार की स्थिति
मनबर सिंह घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी बेटी की शादी हो चुकी है और उनका बेटा देहरादून में पढ़ाई कर रहा है। इस घटना से परिवार को भारी आर्थिक और भावनात्मक नुकसान हुआ है।
संवेदनाएं और कार्रवाई
इस दुखद घटना पर विधायक भरत सिंह चौधरी, पालिका अध्यक्ष संतोष रावत, जिला पंचायत सदस्य गंभीर बिष्ट, और अन्य स्थानीय नेता मौके पर पहुंचे। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि गुलदार को आदमखोर घोषित किया जाए और गांव में पिंजरा लगाया जाए। साथ ही, उन्होंने मृतक के एक परिजन को रोजगार देने की भी मांग की। पीड़ित परिवार को तात्कालिक मुआवजा के तहत 1 लाख 80 हजार रुपए का चेक दिया गया है।
जंगल और मानव संघर्ष
गुलदारों और मानवों के बीच होने वाले संघर्ष का यह मामला कोई नया नहीं है। वन विभाग ने अब तक इस प्रकार की घटनाओं के कारणों की पहचान नहीं की है। हाल ही में एक गुलदार को पिंजरे में पकड़ा गया था, जिसे बाद में रेस्क्यू सेंटर भेजा गया। फिलहाल, क्षेत्र में 4 से 5 गुलदार सक्रिय बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा उपाय
गुलदार के हमले के बाद से स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है। घटना के बाद इलाके में ड्रोन कैमरे की मदद से सर्चिंग की जा रही है, और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे तथा ट्रैप कैमरा लगाए गए हैं। यह कदम आगे बढ़ते हुए प्रशासन द्वारा उठाया गया है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदिकाओं से बचा जा सके।
कुल मिलाकर, मनबर सिंह बिष्ट की हत्या ने इस क्षेत्र में सुरक्षा की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। क्षेत्र के लोग अब जंगलों में जाने में डर रहे हैं, और ऐसे में प्रशासन को अधिक सक्रियता से काम लेना होगा। इस घटना के बाद से, साझा सुरक्षा और मानवधिकार की बहस भी बढ़ी है।
अंत में, हम सभी का कर्तव्य है कि हम ऐसे मुद्दों के प्रति जागरूक रहें और संबंधित अधिकारियों से उचित सुरक्षा उपायों की मांग करें।
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सादर, टीम PWC न्यूज़
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