लोहाघाट: अद्वैत आश्रम मायावती में 'मेरी साठ बाल कविताएं' पुस्तक का शानदार विमोचन
लोहाघाट/चम्पावत। अद्वैत आश्रम मायावती में साहित्य और बाल-सृजन के क्षेत्र को समृद्ध करने वाली प्रतिष्ठित कृति ‘मेरी साठ बाल कविताएं’
लोहाघाट: अद्वैत आश्रम मायावती में 'मेरी साठ बाल कविताएं' पुस्तक का शानदार विमोचन
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कम शब्दों में कहें तो, लोहाघाट में अद्वैत आश्रम मायावती में बाल साहित्य को समृद्ध करने वाली पुस्तक 'मेरी साठ बाल कविताएं' का भव्य विमोचन किया गया।
पुस्तक का महत्व और विमोचन समारोह
लोहाघाट/चम्पावत। अद्वैत आश्रम मायावती में साहित्य और बाल सृजन के क्षेत्र को समृद्ध करने वाली प्रतिष्ठित कृति ‘मेरी साठ बाल कविताएं’ का गरिमामय विमोचन किया गया। यह पुस्तक राजस्व विभाग के अवकाश प्राप्त सीएओ एवं प्रसिद्ध साहित्यकार भगवत प्रसाद पांडेय द्वारा रचित है।
भगवत प्रसाद पांडेय का योगदान
भगवत प्रसाद पांडेय पिछले कई दशकों से बाल साहित्य, कविताओं, कहानियों और व्यंग्य लेखन के माध्यम से साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं। उन्होंने न केवल बच्चों के लिए अद्भुत कविताएं लिखी हैं, बल्कि उनकी रचनाएं शिक्षा और जीवन के मूल्य सिखाने में भी सहायक होती हैं। इस पुस्तक में पांडेय ने बच्चों की सोच और उनके कल्पना जगत को उजागर किया है।
विमोचन समारोह का कार्यक्रम
विमोचन समारोह में स्थानीय साहित्यकार, शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ और छात्र उपस्थित थे। सभी ने इस पुस्तक के महत्व और इसके माध्यम से बच्चों के भावी विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। पुस्तक विमोचन के बाद पांडेय जी ने अपने अनुभव साझा किए और बच्चों को साहित्य से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
साहित्य और शिक्षा का संगम
पुस्तक विमोचन के दौरान यह स्पष्ट था कि 'मेरी साठ बाल कविताएं' केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि साहित्य और शिक्षा के मध्य एक पुल का काम करेगी। साहित्यकारों के अनुसार, बच्चों की साहित्यिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना और उनकी रचनात्मकता को संवारना आवश्यक है। इस पुस्तक के माध्यम से पांडेय जी ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
भविष्य की संभावनाएं
इस पुस्तक के विमोचन ने न केवल लोहाघाट बल्कि सम्पूर्ण चम्पावत जिले में बाल साहित्य के प्रति रुचि को बढ़ाने में मदद की है। साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख आयोजनों को समय समय पर आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इस प्रकार, साहित्य के प्रति बच्चों की रुचि और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
इसके अतिरिक्त, पांडेय जी ने आगे की योजनाओं पर भी चर्चा की, जिसमें बच्चों के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना शामिल है। यह कार्यशालाएँ बच्चों को न केवल पढ़ाई में बल्कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में भी मदद करेंगी।
इस पुस्तक के माध्यम से बच्चों को कविता के प्रति केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की गहराइयों को समझाने और विभिन्न भावनाओं को व्यक्त करने की प्रेरणा भी मिलेगी।
इसके साथ ही, हम पाठकों से अनुरोध करते हैं कि वे इस अद्वितीय कृति का अवश्य अध्ययन करें और बच्चों को भी इसके माध्यम से साहित्य से जोड़ें। अधिक अपडेट के लिए, कृपया यहाँ जाएँ: PWC News
Team PWC News
आशा शर्मा
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