सरकार ने EPF की सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये किया, जानें बदलाव के फायदे
केंद्र सरकार ने विश्वकर्मा जयंती के उपलक्ष्य में देशभर में इंडस्ट्रीज में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए EPF को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने EPF के लिए कर्मचारियों की सैलरी सीलिंग 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस फैसले से करीब […] The post सरकार ने बढ़ाई EPF की सीमा, जानिए 15 हजार से कितना हुआ बदलाव appeared first on Khabar Sansar News.
सरकार ने EPF की सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये किया, जानें बदलाव के फायदे
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कम शब्दों में कहें तो, भारत सरकार ने EPF की सैलरी सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दिया है, जिससे लाखों कर्मचारियों को लाभ होने वाला है।
केंद्र सरकार ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर देशभर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) को लेकर एक बड़ा और अहम निर्णय लिया है। अब तक EPF के लिए निर्धारित सैलरी सीलिंग 15,000 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले का ऐलान करते हुए बताया कि यह परिवर्तन करीब 51 लाख कर्मचारियों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
EPF की सैलरी सीमा में बड़ी बढ़ोतरी
सरकार ने EPF की सैलरी सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, 2014 में पूर्व निर्धारित सीमा के बाद यह पहला बड़ा बदलाव है। पहले यह सीमा 15,000 रुपये थी, जिसे अब 25,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इस कदम से निसंदेह लाखों श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
नई EPF कटौती सीमा को 25,000 रुपये प्रति माह करने के निर्णय से लगभग 51 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा, जो 15,000 रुपये से 25,000 रुपये सैलरी रेंज में आते हैं। सरकार का यह निर्णय श्रमिकों की भविष्य निधि में वृद्धि का अवसर देगा, जिससे उनकी सेवानिवृत्ति के बाद की ज़िंदगी सुरक्षित हो सकेगी।
वित्तीय अनुमान और खर्च
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस फैसले का सरकार के लिए हर साल अनुमानित खर्च 11,339 करोड़ रुपये होगा। यह एक महत्वाकांक्षी कदम है, जिस पर लंबे समय से चर्चा हो रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रस्ताव को 16 सितंबर को मंजूरी दी थी।
पांच साल में 56,696 करोड़ रुपये का खर्च
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने यह भी बताया कि इस नियम पर पांच वर्षों में अनुमानित खर्च लगभग 56,696 करोड़ रुपये होने वाला है। यह खर्च अधिकतर उस समय लागू होगा जब नए नियम पूरी तरह से क्रियान्वित होंगे। व्यय वित्त समिति (Expenditure Finance Committee) द्वारा इस प्रस्ताव की सिफारिश की गई थी।
10 महत्वपूर्ण बातें
- सरकार ने EPF सैलरी सीलिंग को बढ़ाया है।
- नई सैलरी सीमा 25,000 रुपये प्रति माह है।
- पहले यह सीमा 15,000 रुपये थी।
- पुरानी सीमा 2014 में तय की गई थी।
- इस निर्णय से लगभग 51 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
- लाभ 15,000 से 25,000 रुपये की सैलरी रेंज वाले कर्मचारियों को मिलेगा।
- सरकार का सालाना अनुमानित खर्च 11,339 करोड़ रुपये होगा।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 16 सितंबर को मंजूरी दी है।
- पांच साल में अनुमानित खर्च करीब 56,696 करोड़ रुपये होगा।
- यह कदम श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास है।
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संपादित: श्रीमा कुमारी, टीम PWC News
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