सीएम धामी ने जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और निर्देश दिए
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में “जन-जन की सरकार, जन-जन के...
सीएम धामी ने जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और निर्देश दिए
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कम शब्दों में कहें तो: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में, उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि “प्रशासन गाँव की ओर अभियान” के अंतर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर एक अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 17 दिसंबर, 2025 से 45 दिनों तक प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों में बहु-उद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर आमजन से आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएंगे और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।
शिविरों का विस्तृत संचालन
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर कार्यक्रम का संचालन किया जाए और बड़ी न्याय पंचायतों में आवश्यकता अनुसार एक से अधिक शिविर आयोजित किए जाएं। शिविरों में केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की समुचित जानकारी दी जाए, ये सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने यह भी बताया कि शिविरों के बाद निकटवर्ती गांवों में अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर पात्र लाभार्थियों से आवेदन भरवाए जाएं और योजनाओं से वंचित व्यक्तियों की पहचान की जा सके। शिविरों के आयोजन से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और न्याय पंचायत के सभी निवासियों को कम से कम 3-4 दिन पूर्व सूचित किया जाए।
जिलाधिकारी व जनप्रतिनिधियों की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक शिविर में जिलाधिकारी की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। अन्य शिविरों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति भी आवश्यक होगी। नामित विभागों के अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का मौके पर समाधान करें।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों की शिविरों में 100% उपस्थिति होनी चाहिए। संगठनात्मक और प्रतिनिधि नेतृत्व जनसमस्याओं के समाधान एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यक्रम का विधिवत पंजीकरण किया जाए, लाभार्थियों की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए और कार्यक्रमों की साप्ताहिक प्रगति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य नेताओं की सक्रियता भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि आम जनता तक ये योजनाएं सही तरीके से पहुंच सकें।
अंत में, मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशासन को त्वरित निर्णय लेने की जरूरत है ताकि उत्तराखंड का विकास गति पकड़ सके।
योजनाओं की सफलता के लिए जनता का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है, और यह सुनिश्चित करना होगा कि हर लाभार्थी तक सही जानकारी और संसाधन पहुंचे।
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टीम PWC News
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