सीएम धामी ने टनकपुर में सहकारिता मेला शुरू किया, ग्रामीण उद्यमिता को मिला नया संचार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को दी ₹88.11 करोड़ की विकास सौगात टनकपुर/चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार
सीएम धामी ने टनकपुर में सहकारिता मेला शुरू किया, ग्रामीण उद्यमिता को मिला नया संचार
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को ₹88.11 करोड़ की विकास सौगात दी।
टनकपुर/चम्पावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में अपनी प्रशासनिक यात्रा के दौरान टनकपुर में 'सहकारिता मेला' का भव्य शुभारंभ किया। यह मेला 'अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025' के उपलक्ष्य में उत्तराखंड के सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान में शानदार आयोजन के तहत फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया, इसके बाद विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया।
सहकारिता मेला: ग्रामीण उद्यमिता को नया प्रोत्साहन
इस मेला का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री धामी ने अपनी बातचीत में बताया कि सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण श्रमिकों और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मेले में राज्य के विभिन्न भागों से आए स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें स्वरोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
विकास योजनाओं की घोषणा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चम्पावत के विकास के लिए ₹88.11 करोड़ की विभिन्न योजनाओं की घोषणा की। इनमें सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए योजनाएं शामिल थीं। ये योजनाएं स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक होंगी। साथ ही, उन्होंने युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित किया और बताया कि सरकार स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए तत्पर है।
जमीनी स्तर पर सहयोग की आवश्यकता
सीएम धामी ने इस बात पर जोर दिया कि सहकारिता आन्दोलन केवल आर्थिक लाभ के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक ढांचे को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे सहकारी समितियों में हिस्सा लें और आज के मेला में प्रदर्शित उत्पादों को अपने घरों तक पहुँचाएँ। यह न केवल उनकी आर्थिक समृद्धि में सहायक होगा, बल्कि स्थानीय बाजार को भी मजबूती देगा।
आस्था और सक्रियता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता केवल एक आर्थिक दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक व्यवस्था भी है। उन्होंने कहा, "हमें अपने संस्कृति और परंपरा को बरकरार रखकर आगे बढ़ना होगा।" सहकारिता के माध्यम से ग्रामीणों और किसानों को अपनी उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक नया प्लेटफार्म मिलेगा।
इसके साथ ही, उन्होंने मेला आयोजन में लगी सभी समितियों और स्व-सहायता समूहों की सराहना की, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। मुख्यमंत्री का यह उद्देश्य स्पष्ट है कि सरकार विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और सहकारिता मेला इसी योजना का एक बड़ा हिस्सा है।
सीएम धामी ने अंत में यह घोषणा की कि सरकार समय-समय पर ऐसे आयोजन करेगी ताकि ग्रामीण उद्यमिता को और बढ़ावा मिल सके। इसके माध्यम से, सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि युवा पीढ़ी आत्मनिर्भर हो और अपने पैरों पर खड़ी हो सके।
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Team PWC News
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