CJP प्रदर्शन और सोनम वांगचुक की सेहत: सरकार की मुसीबतें बढ़ी
जंतर मंतर पर जारी आंदोलन के बीच शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। भूख हड़ताल के 11वें दिन जारी मेडिकल रिपोर्ट में उनके स्वास्थ्य से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है, जबकि प्रदर्शन भी लगातार जारी है। 11 दिन के अनशन में सात किलो से अधिक […] The post CJP का प्रदर्शन: सोनम वांगचुक की बिगड़ती हालत, बढ़ी सरकार की मुश्किलें appeared first on Khabar Sansar News.
CJP प्रदर्शन और सोनम वांगचुक की सेहत: सरकार की मुसीबतें बढ़ी
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कम शब्दों में कहें तो जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन में सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भूख हड़ताल के 11वें दिन, उनकी स्वास्थ्य स्थिति की चिंता बढ़ती जा रही है।
सोनम वांगचुक की बिगड़ती हालत
जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में शैक्षणिक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की health स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। भूख हड़ताल के 11वें दिन, डॉक्टरों द्वारा जारी मेडिकल रिपोर्ट में उनके स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं। इस दौरान, सोनम की तबीयत में लगातार गिरावट आई है और वे 7 किलोग्राम से अधिक वजन भी घटा चुके हैं।
11 दिन की भूख हड़ताल में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर मुद्दे
सोनम वांगचुक, जो कि CJP के प्रदर्शन में 11 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, बुधवार (8 जुलाई) को उनकी स्वास्थ्य स्थिति और भी गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उनका वजन अब 59.40 किलोग्राम रह गया है। इस प्रकार, भूख हड़ताल की शुरुआत के बाद से उनका वजन 7 किलोग्राम से अधिक घट चुका है।
स्वास्थ्य बुलेटिन से मिली महत्वपूर्ण जानकारियाँ
बुधवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, बैठे हुए स्थिति में सोनम वांगचुक का रक्तचाप 103/68 और लेटे हुए स्थिति में 111/73 दर्ज किया गया। उनकी हृदय गति 74 प्रति मिनट और रक्त शर्करा का स्तर 75 है। चिकित्सकों ने बताया कि उनके शरीर में पानी का स्तर सामान्य है और वे मानसिक रूप से पूरी तरह सजग हैं।
CJP द्वारा इस्तीफे की मांग जारी
CJP ने बार-बार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी रखी है। संगठन का कहना है कि यह अनियमितताएँ छात्रों और उनके परिवारों के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन चुकी हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट का सकारात्मक फैसला
CJP ने दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया, जिसने उनके आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर लगी रोक को हटा दिया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन के लिए एक बड़ी सफलता करार दिया है। उनका कहना है कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजे की मांग को लेकर चल रही है।
अन्य छात्रों द्वारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
इस बीच, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के सदस्य भी प्रदर्शन स्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। नेहा, मनीष, ऋषिकेश, दीपक कुमार वर्मा और आमीन जैसे छात्रों ने भी आंदोलन में अपनी भागीदारी दी है।
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत और छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल से साफ है कि सरकारी शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में यह आंदोलन एक महत्वपूर्ण टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।
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संपूर्ण स्थिति से यह स्पष्ट हो रहा है कि सरकार को इन मुद्दों पर अधिक गंभीरता से विचार करना होगा।
सादर,
Team PWC News, नेहा कत्याल
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