MBPG छात्र चुनाव: क्यों छात्रों ने NOTA को किया प्राथमिकता?

खबर संसार हल्द्वानी.MBPG में बड़ी संख्या में छात्रों ने आखिर नोटा को क्यों चुना जी हा इसका सबसे बड़ा कारण साफ है कि न लोग बीजेपी को पसंद कर रहे न कांग्रेस को, उनका राजनीति से मोह भंग हो गया है अगर बात करें उत्तराखंड क़े कुमाऊँ मंडल छात्र चुनाव की तो लोगों ने 50 […] The post MBPG में बड़ी संख्या में छात्रों ने आखिर नोटा को क्यों चुना  appeared first on Khabar Sansar News.

Sep 30, 2026 - 09:53
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MBPG छात्र चुनाव: क्यों छात्रों ने NOTA को किया प्राथमिकता?

MBPG में बड़ी संख्या में छात्रों ने क्यों चुना NOTA?

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कम शब्दों में कहें तो, MBPG के हालिया छात्र चुनाव में एक बड़ी संख्या में छात्रों ने NOTA (None of the Above) विकल्प को चुना है, जो दर्शाता है कि वे न तो बीजेपी और न ही कांग्रेस से संतुष्ट हैं। यह राजनीति में बढ़ती असंतोष को भी उजागर करता है।

हल्द्वानी से खबर है कि MBPG कॉलेज के छात्र संवैधानिक पदों के चुनाव के दौरान NOTA को प्राथमिकता दे रहे हैं। राजनीतिक रूप से अपने आप को असंतुष्ट महसूस करते हुए, छात्रों ने चुनाव के माध्यम से अपनी आवाज उठाने का प्रयास किया है। यदि हम उत्तराखंड के कुमाऊँ मंडल की बात करें, तो इस बार 50 विद्यालयों में चुनाव हुए और 25 स्थानों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जबकि ABVP ने 16 और NSUI ने 6 सीटों पर सफलतापूर्वक कब्जा किया।

MBPG में वोटिंग का आंकड़ा

निर्वाचन में इस बार MBPG में कुल 1,094 मतदाताओं ने NOTA का विकल्प चुना, जबकि कुल 2,030 मत निरस्त या अवैध घोषित किए गए। इस में उपाध्यक्ष छात्रा पद के लिए 125 मतदान NOTA पर गए, साथ ही 301 मत अवैध पाए गए। सचिव पद के लिए 322 छात्रा ने NOTA को चुना। कोषाध्यक्ष पद पर 182 छात्रों ने NOTA का चयन किया जबकि 193 मत निरस्त रहे। कला संकाय प्रतिनिधि चुनाव में 135 छात्रों ने NOTA को प्राथमिकता दी, और आश्चर्यजनक रूप से 1,095 मत निरस्त हो गए। अध्यक्ष पद पर 18 मत निरस्त हुए और 61 मत अवैध दर्ज किए गए।

राजनीतिक असंतोष का संकेत

इस चुनावी परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि MBPG के छात्र अब राजनीतिक दलों से निराश महसूस कर रहे हैं। उन्हें न तो बीजेपी और न ही कांग्रेस से कोई आशा है। इससे यह संकेत मिलता है कि छात्रों का राजनीति से मोहभंग हो रहा है। छात्रों का चुनाव निर्णय दर्शाता है कि वे इच्छित बदलाव के लिए सशक्त नहीं महसूस कर रहे हैं, और यही एक गंभीर मुद्दा है जो आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

क्या NOTA के चयन का मतलब है नई शुरुआत?

यह चुनाव न केवल MBPG बल्कि पूरे उत्तराखंड में छात्रों की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता का प्रतीक है। NOTA का चयन करना, छात्रों की ओर से एक चेतावनी है, जिसमें उन्हें यह संदेश देना है कि वे वर्तमान राजनीतिक हालात से असंतुष्ट हैं और कुछ बेहतर की अपेक्षा करते हैं। क्या यह संभावित बदलाव का संकेत है? कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अगर छात्र एकजुट होकर अपने हक के लिए आवाज उठाते रहें, तो भविष्य में चुनावी माहौल में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

अंत में, MBPG छात्रों ने NOTA को चुना है, जो केवल एक मतदान विकल्प नहीं, बल्कि एक सशक्त विचारधारा का प्रतीक है। यह सोचना आवश्यक है कि क्या राजनीतिक दल इस संदेश को सुनेंगे और आगामी चुनावों में अपने दृष्टिकोण में बदलाव करेंगे।

हम सभी जानते हैं कि मतदान का अधिकार हमारे लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम सही विकल्प चुनें, और वैसे ही अपने विचार व्यक्त करें। अधिक अपडेट के लिए, कृपया देखें: PWC News.

लिखित: सुमन शर्मा, टीम PWC News

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