Uttarakhand Crime: फर्जी स्वास्थ्य महानिदेशक बनकर 12.38 लाख की ठगी, हल्द्वानी का जालसाज पुलिस की गिरफ्त में
सरकारी ठेका और सचिवालय में काम कराने का झांसा देने की शिकायत, मरियम पैरामेडिकल कॉलेज विवाद में भी सामने आ…
Uttarakhand Crime: फर्जी स्वास्थ्य महानिदेशक बनकर 12.38 लाख की ठगी, हल्द्वानी का जालसाज पुलिस की गिरफ्त में
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कम शब्दों में कहें तो, एक फर्जी स्वास्थ्य महानिदेशक ने सरकारी ठेके के नाम पर 12.38 लाख रुपए की ठगी की है, जिसके मामले में हल्द्वानी का एक जालसाज पुलिस के रडार पर है।
उत्तराखंड में जालसाजी का एक नया मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति ने खुद को स्वास्थ्य महानिदेशक (DG Health) के रूप में पेश कर सरकारी ठेकों का झांसा देकर 12.38 लाख रुपये की ठगी की है। इस संदर्भ में देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। ठगी का शिकार हुए लोगों का आरोप है कि जालसाज ने उन्हें सरकारी काम कराने की बात कहकर ठगा।
सरकारी ठेका और सचिवालय में काम कराने का झांसा
इस मामले में मिली शिकायतों में सामने आया है कि आरोपी ने सरकारी ठेकों और सचिवालय में काम कराने के नाम पर कई लोगों को अपने जाल में फंसाया। इसके अलावा, जुड़ते हुए विवाद में मरियम पैरामेडिकल कॉलेज का भी नाम शामिल है, जो कि इस ठगी से संबंधित है। अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया है और आरोपी की पहचान करने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापे मारने की योजना बना रही है। पुलिस ने इस मामले में संभावित सहयोगियों की भी जांच शुरू कर दी है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
जालसाज का तरीका
इस तरह की ठगी के लिए जालसाज ने एक मजबूत नेटवर्क बनाया था। वह अपने दावों को साबित करने के लिए कई सरकारी दस्तावेजों और संपर्कों का उपयोग कर रहा था। ठगी का शिकार व्यक्ति न केवल पैसे खोता है, बल्कि उनकी पहचान भी खतरे में पड़ती है।
ठगी से बचाव के तरीके
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। किसी भी सरकारी नौकरी या ठेके की बात करते वक्त हमेशा आधिकारिक साइटों और पत्राचार का सहारा लेना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति सरकारी ऑफ़िसर के रूप में कार्यरत होने का दावा करे, तो उसकी पहचान की पुष्टि करना अनिवार्य है।
समापन
इस घटना ने एक बार फिर से ये साबित कर दिया कि जालसाजी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और उनकी रोकथाम के लिए समाज को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। लोग सावधान रहें और अपनी पहचान और धन की सुरक्षा करें।
एचडीपी पुलिस की आगे की योजना पर नजर रखेगी और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करेगी। इस मामले में अन्य जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।
— टीम PWC News, प्रियंका शर्मा
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