Uttarakhand News: मुख्यमंत्री धामी ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा के दौरान शिकायतों के वास्तविक और संतोषजनक समाधान पर जोर दिया। उन्होंने 30 दिन से अधिक लंबित शिकायतों की विशेष समीक्षा, तहसीलों के औचक निरीक्षण, दाखिल-खारिज व भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण तथा पेयजल पाइपलाइन और सीवर लाइनों का 15 दिन में ऑडिट कराने के निर्देश दिए। Source

Sep 14, 2026 - 18:53
 64  501.8k
Uttarakhand News: मुख्यमंत्री धामी ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आदेश: सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का संतोषजनक निस्तारण

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक समाधान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विशेष जांच को प्राथमिकता देने की बात कही है।

सीएम हेल्पलाइन का महत्व

सीएम हेल्पलाइन एक महत्वपूर्ण मंच है जहां नागरिक अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकते हैं। यह प्रणाली राज्य के विकास और नागरिकों की समस्याओं के समाधान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाल ही में, सचिवालय में हुई एक समीक्षा बैठक में, मुख्यमंत्री धामी ने इस फ़ोरम के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

विशेषीकरण पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विशेष समीक्षा करने के निर्देश दिए। यह कदम उन शिकायतों को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है जो समय सीमा कट गई हैं। अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि सभी लंबित मामलों का समाधान समय पर और संतोषजनक रूप से किया जाए।

तहसीलों के निरीक्षण और भूमि धोखाधड़ी

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने तहसीलों के औचक निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया, ताकि मामलों की स्थिति का सही अंदाजा लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज और भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण की आवश्यकता है, जिससे कि नागरिकों को अपनी समस्याओं का शीघ्र हल मिल सके।

पेयजल और सीवर पाइपलाइन का ऑडिट

मुख्यमंत्री धामी ने विशेष रूप से पेयजल पाइपलाइन और सीवर लाइनों का 15 दिन में ऑडिट कराने के दिशा-निर्देश भी दिए हैं। यह सुविधा नागरिकों को स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाने के लिए आवश्यक है, जिससे कि संबंधित अधिकारियों को उचित जानकारी प्राप्त हो सके।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह निर्देश निश्चित रूप से उत्तराखंड की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुचारु बनाएगा और नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करेगा। यह कदम न केवल शिकायतों के समाधान में मदद करेगा बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगा।

आपका इन मुद्दों पर क्या मत है? अपने विचार साझा करें। अधिक अपडेट के लिए यहां क्लिक करें.

सादर, टीम PWC न्यूज़ - साक्षी शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow