“अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की कठोर कार्रवाई, सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण प्रक्रिया जारी”
अवैध निर्माणों के विरुद्ध एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग अभियान जारी मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण) द्वारा क्षेत्राधिकार में अनियमित एवं अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी है। प्राधिकरण का स्पष्ट उद्देश्य नियोजित विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में आज सिटी फॉरेस्ट […] The post “अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, सीलिंग व ध्वस्तीकरण अभियान जारी” appeared first on Uttarakhand News Update.
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की कठोर कार्रवाई, सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण प्रक्रिया जारी
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कम शब्दों में कहें तो, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ एक सख्त कार्रवाई शुरू की है, जिसमें सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान तेजी से चल रहा है। यह अभियान नागरिकों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और नियोजित विकास को ध्यान में रखते हुए लागू किया जा रहा है।
एमडीडीए की पहल के तहत पिछले कुछ दिनों में विभिन्न निर्माण स्थलों पर प्रभावी कार्रवाई की गई, जिससे अव्यवस्था और अनियमितताओं को समाप्त किया जा सके। प्राधिकरण का यह कदम न केवल सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी अवैध निर्माण से होने वाले गंभीर खतरों से बचाएगा।
निर्माण स्थलों पर कार्यवाही का विवरण
आज की कार्रवाई में, सिटी फॉरेस्ट पार्क, तरला नागल, सहस्रधारा रोड के पीछे स्थित एक निर्माण स्थल पर एमडीडीए ने कठोर उपाय किए। यहां, श्री विक्रमप्रताप सिंह द्वारा अनुमोदित तीन सिंगल ड्वेलिंग यूनिट के मानचित्रों को विभिन्न फ्लैटों में बदल दिया गया था, जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि निर्माणाधीन भवन को पहले ही सील किया जा चुका था, उसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा जा रहा था।
एमडीडीए ने इस मामले में अवैध निर्माण के अशमनीय भाग को ध्वस्त किया और यह स्पष्ट किया कि स्वीकृत मापदंडों से कोई भी विचलन अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण ने नागरिकों, बिल्डरों और भू-स्वामियों से अपील की है कि सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें और स्वीकृत मानचित्र के अनुसार काम करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अन्य अवैध निर्माणों पर कार्यवाही
प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में भी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई है। चौहान मोहल्ला, मेहुवाला में सूरज द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण पर कार्रवाई की गई और निर्माण स्थल को सील कर दिया गया। इसी तरह, मनीष गुरुंग द्वारा सिनोला फॉरेस्ट सप्लाई रोड पर किए जा रहे निर्माण को भी सील किया गया।
अंकित आहूजा के इंजीनियर एन्क्लेव, जाखन में किए जा रहे निर्माण पर भी कार्रवाई की गई और उसे सील किया गया। इन सभी कार्रवाइयों को अवर अभियंता, शशांक सक्सेना, एवं सहायक अभियंता, शैलेंद्र सिंह रावत की उपस्थिति में निष्पक्षता से किया गया।
एमडीडीए की स्पष्टीकरण और भविष्य की योजना
एमडीडीए ने दोहराया है कि अवैध निर्माण केवल नियोजित शहरी संरचना को प्रभावित नहीं करते, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, जल निकासी, यातायात और आपदा जोखिम भी बढ़ाते हैं। प्राधिकरण ने यह सुनिश्चित किया है कि नियमित निरीक्षण, शिकायतों की त्वरित जांच और प्रवर्तन कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, "हमारी जिम्मेदारी है कि देहरादून का विकास सुरक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील तरीके से हो। नागरिकों से अपील है कि वे निर्माण से पहले सभी अनुमतियां लें और नियमों का पालन करें।"
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी कहा, "सभी निर्माण प्रकरणों की तकनीकी और विधिक जांच के बाद ही कार्रवाई की जाती है। सील तोड़कर निर्माण करना गंभीर अपराध है और इसके लिए एमडीडीए की टीम नियमित निरीक्षण कर रही है।"
इस प्रकार, एमडीडीए की इस ठोस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि नियमों का पालन ना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों को भी चाहिए कि वे नियमों का पालन करें और शहर के स्वस्थ विकास में सहयोग करें।
नियमों का पालन सभी की जिम्मेदारी है, ताकि हमारे शहर का विकास सही दिशा में हो सके।
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Team PWC News - सुषमा शर्मा
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