उत्तराखंड: ग्रामीणों का गुस्सा, वनकर्मियों को बंधक बनाया गया
गुलदार के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने वन कर्मियों को बंधक बनाया गैरसैंण/उत्तराखंड। चमोली जिले के विकासखंड गैरसैंण के सीमावर्ती
उत्तराखंड: ग्रामीणों का गुस्सा, वनकर्मियों को बंधक बनाया गया
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्रामीणों ने वन कर्मियों को बंधक बना लिया। यह घटना उस समय हुई जब गोवंश पर लगातार हो रहे गुलदार के हमले से स्थानीय लोग परेशान हो गए थे।
गुलदार के हमलों का आतंक
चमोली जिले के विकासखंड गैरसैंण के सीमावर्ती मेहलचौरी और कुनीगाड़ क्षेत्र में हाल के दिनों में गुलदार के द्वारा गोवंश पर हुए हमलों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इन घटनाओं के कारण स्थानीय निवासियों में भय और आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग द्वारा इन मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में है।
घटनाक्रम का विवरण
गुस्साए ग्रामीणों ने इस बार हद पार करते हुए वन विभाग की टीम के आधा दर्जन से ज्यादा सदस्यों को बंधक बना लिया। घटनाक्रम के अनुसार, मेहलचौरी के नजदीक जब वनकर्मी समस्या का समाधान निकालने पहुंचे, तब ग्रामीणों ने उन्हें रस्सी से बांध दिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी और ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर सबके सामने आ गया।
स्थानीय निवासियों की चिंताएँ
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से गोवंश पर लगातार गुलदार के हमले किए जा रहे हैं, जिससे न केवल उनके पशुधन को खतरा है, बल्कि उनकी आजीविका भी प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि अगर स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन का मार्ग भी अपनाने के लिए तैयार हैं।
वन विभाग की स्थिति
इस घटना के बाद वन विभाग ने सभी सुरक्षा उपायों को लागू करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा कि वे जल्द ही क्षेत्र का दौरा करेंगे और समस्या का समाधान खोजने का प्रयास करेंगे। हालांकि, ग्रामीणों को इस पर विश्वास नहीं हो रहा। वे चाहते हैं कि गंभीरता से इस समस्या पर ध्यान दिया जाए।
समाधान के कदम
जानकार बताते हैं कि जंगलों में गुलदार की संख्याबढ़ने के कारण स्थानीय निवासियों के लिए कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। यह महत्वपूर्ण है कि वन विभाग तेजी से कार्यवाही करे और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करते हुए उपयुक्त कदम उठाए। इसके अलावा, ग्रामीणों के बीच जागरूकता फैलाना और सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
स्थानीय समुदाय के लिए यह एक चुनौती है, लेकिन यदि उचित कदम उठाए जाएँ, तो यह समस्या हल की जा सकती है। For more updates, visit https://pwcnews.com.
यह लेख टीम PWC News द्वारा लिखा गया है।
What's Your Reaction?