कच्चा तेल की कीमत ₹117 के पार, OMCs को हर दिन ₹530 करोड़ का बड़ा नुकसान
कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव नहीं होने से सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। ICRA के अनुसार, पेट्रोल पर करीब 8 रुपये और डीजल पर 9 रुपये प्रति लीटर नुकसान हो रहा है। LPG पर भी अंडर-रिकवरी जारी है। पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर […] The post कच्चा तेल ₹117 पार, कंपनियों को रोज ₹530 करोड़ का नुकसान, जानें वजह appeared first on Khabar Sansar News.
कच्चा तेल की कीमत ₹117 के पार, OMCs को हर दिन ₹530 करोड़ का बड़ा नुकसान
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कम शब्दों में कहें तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता के कारण सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर भारी दबाव बना हुआ है, जिससे कंपनियों को प्रति दिन लगभग ₹530 करोड़ का नुकसान हो रहा है।
पेट्रोल-डीजल के मूल्य पर बढ़ रहा दबाव
हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, रेटिंग एजेंसी ICRA ने बताया है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL), और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) को पेट्रोल की बिक्री पर लगभग ₹8 प्रति लीटर और डीजल पर करीब ₹9 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। यही कारण है कि इन कंपनियों की दैनिक कुल हानि ₹530 करोड़ पहुंच गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ती चिंताएँ
पश्चिम एशिया में बढ़ती संघर्षों और प्रमुख तेल आपूर्ति मार्गों में अवरोध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में काफी वृद्धि हो रही है। 21 सितंबर, 2026 को भारत के आयातित कच्चे तेल की बास्केट की कीमत बढ़कर $117.4 प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि 2025-26 में ये कीमत औसतन $66 प्रति बैरल थी।
LPG पर भी जारी है संकट
घरेलू LPG सिलेंडर के मामले में भी स्थिति गंभीर है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में घरेलू LPG पर लगभग ₹500 का नुकसान हुआ था, जो कि अब घटकर सितंबर में लगभग ₹300 प्रति सिलेंडर रह गया है। इस समय तक नेगेटिव LPG बफर 61,940 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका था।
OMCs की वित्तीय स्थिति पर असर
ICRA के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट के बाद सिंगापुर का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन $10 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। इसके बावजूद, बढ़ते कच्चे तेल और उत्पादों की कीमतें OMCs की प्रॉफिटेबिलिटी और कैश फ्लो पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। कार्यशील पूंजी की बढ़ती जरूरत के कारण शॉर्ट-टर्म कर्ज में भी वृद्धि हो सकती है।
आने वाले समय में OMCs की कमाई पर सवाल
2026-27 में OMCs की आय कई कारकों पर निर्भर करेगी, जिनमें कच्चे तेल की कीमतें, उत्पाद क्रैक और घरेलू रिटेल दरों में बदलाव शामिल हैं। साथ ही, LPG अंडर-रिकवरी में सरकार द्वारा दी गई सहायता भी महत्वपूर्ण होगी।
10 प्वाइंट में समझें पूरा मामला
- OMCs को पेट्रोल पर करीब ₹8 प्रति लीटर नुकसान का अनुमान है।
- डीजल पर करीब ₹9 प्रति लीटर नुकसान हो रहा है।
- रोजाना करीब ₹530 करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
- सितंबर में घरेलू LPG पर करीब ₹300 प्रति सिलेंडर अंडर-रिकवरी है।
- पहली तिमाही में LPG पर नुकसान करीब ₹500 प्रति सिलेंडर था।
- 21 सितंबर, 2026 को कच्चे तेल की बास्केट $117.4 प्रति बैरल रही।
- 2025-26 में यह औसतन करीब $66 प्रति बैरल थी।
- 30 जून तक नेगेटिव LPG बफर 61,940 करोड़ रुपये था।
- 16 सितंबर से डीजल पर ₹20 और ATF पर ₹15 प्रति लीटर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी थी।
- OMCs की 2026-27 की कमाई कई बाजार और सरकारी सहायता संबंधी कारकों पर निर्भर करेगी।
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