ग्लेशियर झीलों के खतरों पर आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक का महत्वपूर्ण निर्णय

राज्य में स्थित ग्लेशियर झीलों से संभावित खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास...

Aug 30, 2026 - 18:53
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ग्लेशियर झीलों के खतरों पर आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक का महत्वपूर्ण निर्णय

ग्लेशियर झीलों के खतरों पर आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक का महत्वपूर्ण निर्णय

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कम शब्दों में कहें तो, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने उत्तराखंड में स्थित ग्लेशियर झीलों की निगरानी और सुरक्षा के लिए नवीनतम तकनीकों को अपनाने का निर्देश दिया है। उनकी इस पहल से संभावित खतरे को कम करने की उम्मीद है।

राज्य में स्थित ग्लेशियर झीलों से संभावित खतरे को देखते हुए, मंत्री मदन कौशिक ने रविवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) में बैठक की। उन्होंने ग्लेशियर झीलों की स्थिति तथा इनसे संबंधित जोखिमों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए, उन्होंने वैज्ञानिक निगरानी तंत्र अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और तकनीकी समाधानों की आवश्यकता

मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भौगोलिक दृष्टि से एक संवेदनशील राज्य है। जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों और उनकी झीलों की स्थिति में होने वाले बदलावों की वैज्ञानिक निगरानी करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर झीलों की निरंतर और रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग, ड्रोन, और सेंसर आधारित निगरानी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाए।

समन्वय और अर्ली वार्निंग सिस्टम की स्थापना

मदन कौशिक ने संबंधित विभागों, विशेषज्ञ संस्थानों और तकनीकी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का आदेश दिया। उन्होंने अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने का सुझाव दिया, ताकि किसी भी अनियमित स्थिति का समय पर पता लगाया जा सके और प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सतर्क किया जा सके।

वर्तमान परिस्थिति और राज्य सरकार की प्राथमिकताएं

मंत्री मदन कौशिक ने हाल की भारी बारिश और उससे संबंधित परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए कहा कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में काम करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बंद सड़कों, भूस्खलन, राहत कार्यों, पनबिजली, पेयजल आपूर्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी ली।

आपातकालीन उपाय और विभागों का समन्वयन

ग्लेशियर झीलों और वर्षा की स्थितियों के बारे में चर्चा करते हुए, मंत्री ने निर्देश दिए कि आवश्यक मशीनरी को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जाए। उनकी मांग है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि बिजली, पेयजल, या संचार सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो तत्काल अतिरिक्त टीमें भेजी जाएं।

भविष्य के लिए तैयारी

मंत्री ने सभी जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत और नागरिक आपूर्ति जैसे संबंधित विभागों के बीच समन्वय का आह्वान किया। दूरदराज के क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं का भंडारण सुनिश्चित करने की बात भी कही गई, ताकि सड़कों के बंद होने पर स्थानीय नागरिकों को समस्या का सामना न करना पड़े।

मदन कौशिक के इस निर्देश से न केवल ग्लेशियर झीलों की सुरक्षा में मदद मिलेगी, बल्कि राज्य के संवेदनशील और जलवायु प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन की सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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टीम PWC न्यूज

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