चमोली: सीएम धामी ने शुरू किया 73वां राजकीय गौचर मेला, बड़ी घोषणाएं भी कीं
गौचर मेले जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का प्रभावी माध्यम होने के साथ ही स्थानीय आर्थिकी को भी सशक्त बनाने में भी Source
चमोली: 73वें राजकीय गौचर मेले का भव्य शुभारंभ
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कम शब्दों में कहें तो, चमोली में सीएम धामी ने 73वें राजकीय गौचर मेले का उद्घाटन किया और इस मौके पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
गौचर मेला: सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
गौचर मेला, जो हर साल आयोजित किया जाता है, न केवल हमारे सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, बल्कि यह स्थानीय आर्थिकी को भी सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मेला विभिन्न प्रकार के उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय रिवाजों को प्रदर्शित करने का एक मंच प्रदान करता है, जो कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का परिचायक है।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं
सीएम धामी ने मेले के शुभारंभ के दौरान कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मेला में किसानों और स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए कई फंड और कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उत्पादन को बढ़ाना और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है।
स्थानीय लोगों की भागीदारी
सीएम ने स्थानीय जनसंख्या से अपील की कि वे इस मेले का पूरा लाभ उठाएं और अपने उत्पादों को प्रदर्शित करें। उन्होंने यह भी कहा कि मेला स्थानीय लोगों की मेहनत और रचनात्मकता का आदान-प्रदान करने का एक उत्कृष्ट स्थान है।
आर्थिक विकास में योगदान
गौचर मेले का आयोजन स्थानीय आर्थिकी को मजबूत करने के साथ-साथ सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। इससे स्थानीय व्यापारियों को नए ग्राहक मिलने और बिक्री बढ़ाने का अवसर मिलता है।
अंत में
इस मेले के माध्यम से न केवल सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण होता है, बल्कि यह स्थानीय आर्थिकी को भी जीवंत बनाने का कार्य करता है। सीएम धामी की घोषणाएं और स्थानीय लोगों का उत्साह यह दर्शाते हैं कि इस तरह के आयोजन हमारे समाज और अर्थव्यवस्था के लिए कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
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टीम PWC न्यूज़
आरती शर्मा
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