चम्पावत: गीता धामी ने वृद्धजनों के साथ किया संवाद, मां भगवती के दर्शन से मिली प्रेरणा

चम्पावत। जनपद चम्पावत के सिप्टी क्षेत्र स्थित पावन एवं प्राचीन देवल भगवती मंदिर में सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन की फाउंडर

Nov 27, 2025 - 18:53
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चम्पावत: गीता धामी ने वृद्धजनों के साथ किया संवाद, मां भगवती के दर्शन से मिली प्रेरणा

चम्पावत: गीता धामी का अद्भुत संवाद वृद्धजनों के साथ

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कम शब्दों में कहें तो चम्पावत के सिप्टी क्षेत्र में सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन की फाउंडर गीता धामी ने मां भगवती के दर्शन करने के बाद वृद्धजनों के साथ संवाद किया। यह आयोजन धार्मिक एवं सामाजिक पहलुओं को जोड़कर एक नया आयाम प्रदान करता है।

भगवती मंदिर का दिव्य अनुभव

चम्पावत, जनपद चम्पावत के सिप्टी क्षेत्र स्थित पावन एवं प्राचीन देवल भगवती मंदिर में, गीता धामी ने विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस समय, मंदिर परिसर की आध्यात्मिक गरिमा, शांत वातावरण और सुरम्य प्राकृतिक सौंदर्य ने सभी उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से अभिभूत किया।

वृद्धजनों के साथ संवाद: एक नई पहल

गीता धामी ने पूजा-अर्चना के बाद ग्राम सभा पल्सों व डड़ा बिष्ट के वृद्धजनों के साथ बातचीत की। इस संवाद में उन्होंने वृद्धजनों की समस्याओं और आवश्यकताओं को सुना। इस पहल के माध्यम से उन्होंने युवा पीढ़ी को प्रेरित किया कि वे अपने वृद्धों का सम्मान करें और उनकी मदद करें।

समूह कल्याण की दिशा में कदम

सुश्री धामी ने वृद्धजनों के साथ बातचीत में यह भी बताया कि समाज में वृद्धजनों की अहमियत को समझना और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करना हमारे संस्कारों का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन समाज में विशेषकर वृद्धजनों के कल्याण के लिए कार्यरत है और वे ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करते रहेंगे।

संवेदनशीलता और सहभागिता का सन्देश

गीता धामी ने इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों को यह विशेष संदेश दिया कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम समाज के हर वर्ग के लोगों के प्रति संवेदनशील रहें। उन्होंने प्रदर्शित किया कि कैसे सामुदायिक समर्थन से हम समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

निष्कर्ष

इस प्रकार, गीता धामी का यह संवाद न केवल सामाजिक जागरूकता का उदाहरण है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को भी सद्भाव और सहानुभूति का पाठ पढ़ाता है। हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए वृद्धजनों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

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सादर,

टीम PWC News

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