चम्पावत : जिलाधिकारी के त्वरित हस्तक्षेप से ललुवा नौले की सफाई, जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

चम्पावत। ललुवापानी में स्थित ऐतिहासिक ललुवा नौले की जर्जर एवं गंदगीयुक्त स्थिति की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार ने

Jan 22, 2026 - 00:53
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चम्पावत : जिलाधिकारी के त्वरित हस्तक्षेप से ललुवा नौले की सफाई, जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

चम्पावत : जिलाधिकारी के त्वरित हस्तक्षेप से ललुवा नौले की सफाई, जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

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कम शब्दों में कहें तो, चम्पावत में ललुवा नौले की सफाई की गई है और यह स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

चम्पावत। ललुवापानी में स्थित ऐतिहासिक ललुवा नौले की जर्जर एवं गंदगीयुक्त स्थिति की सूचना मिलते ही, जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बिना किसी देरी के तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभाग को आदेशित किया कि सफाई कार्य में कोई भी विलंब न हो। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के पालन में मात्र एक घंटे के भीतर इलाके के अधिकारियों ने नौले की समुचित सफाई सुनिश्चित की। इस कार्रवाई से स्थानीय ग्रामीणों में संतोष एवं प्रसन्नता की लहर दौड़ गई।

जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर

पर्यावरण और जल संकट की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जल स्रोतों के संरक्षण पर जोर देते हुए इस सफाई कार्य को एक आवश्यक कदम बताया। उन्होंने कहा, "जल ही जीवन है और हमें अपने जल स्रोतों का संरक्षण करना चाहिए।" इस प्रकार की पहलें न केवल स्थानीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण हैं बल्कि पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में भी सहायक होती हैं।

स्थानीय लोगों के बीच खुशी का माहौल

नौले की सफाई के बाद, स्थानीय निवासियों ने इस कार्य की प्रशंसा की। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार के त्वरित निर्णय के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसे कार्य लगातार होते रहें। ललुवा नौला, जो एक ऐतिहासिक जल स्रोत है, स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। इसकी सफाई से न केवल स्थानीय संस्कृति को बचाने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ बनाए रखने में योगदान मिलेगा।

निष्कर्ष

ललुवा नौले की सफाई एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे त्वरित निर्णय और प्रशासनिक कार्रवाई से स्थानीय समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। इस प्रकार के प्रयास न केवल जल संकट के समाधान में सहायक हैं बल्कि स्थानीय परंपराओं और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए भी आवश्यक हैं।

इस तरह की निर्धारित कार्रवाईयों से न केवल स्थानीय समुदाय की भावनाओं को समर्पित किया गया है, बल्कि एक प्रेरणा भी मिली है सभी प्रशासनिक अधिकारियों को कि वे जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाए।

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टीम PWC न्यूज़ - प्रियंका शर्मा

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