डीआईपीएस और चित्रा की अनूठी साझेदारी: कला और अधिकारों का होगा संरक्षण
DIPS Doon Intellectual Property Solutions डीआईपीएस और चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी के बीच आईपी संरक्षण हेतु हुआ एमओयू स्थानीय कलाकारों की बौद्धिक संपदा को मिलेगा संरक्षण, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान देहरादून, 26 दिसंबर 2025 कलात्मक कृतियों के बौद्धिक संपदा (IP) अधिकारों के संरक्षण को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल […] The post डीआईपीएस–चित्रा साझेदारी से मजबूत होगा कला और अधिकारों का संरक्षण appeared first on Uttarakhand News Update.
डीआईपीएस और चित्रा की अनूठी साझेदारी: कला और अधिकारों का होगा संरक्षण
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कम शब्दों में कहें तो, डीआईपीएस और चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी के बीच हुए समझौते से स्थानीय कलाकारों की बौद्धिक संपत्ति का संरक्षण सुनिश्चित होगा और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी।
देहरादून, 26 दिसंबर 2025: दून इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी सॉल्यूशंस (DIPS) और चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी के बीच कलात्मक कृतियों के बौद्धिक संपदा (IP) अधिकारों के संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता शुक्रवार को बल्लुपुर रोड स्थित चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी में आयोजित एक कार्यक्रम में हुआ।
स्थानीय कलाकारों के लिए एक खास मौका
डीआईपीएस के आईपी डिवीजन प्रमुख डॉ. अनुज रतूड़ी ने इस अवसर पर मौजूद कलाकारों को संबोधित करते हुए बौद्धिक संपदा के अधिकारों और खासतौर पर कॉपीराइट के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सहयोग स्थानीय कलाकारों को कॉपीराइट और अन्य बौद्धिक संपदा संरक्षण संबंधी तकनीकी सहायता, परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा, "इस समझौते से न केवल स्थानीय कलाकारों की बौद्धिक संपदा का संरक्षण होगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी।"
चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी का महत्व
चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी के संस्थापक श्री अरविंद गैरोला ने बताया कि उत्तराखंड की पहली अंतरराष्ट्रीय कला दीर्घा होने के नाते, चित्रा गैलरी स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करती है।
श्री गैरोला ने इस सहयोग को कलाकारों के लिए आवश्यक बताते हुए कहा, "यह पहल उन्हें कानूनी सुरक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।" इस प्रकार की साझेदारियों का उद्देश्य कलाकारों को उनके काम का उचित संरक्षण और प्रचार उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने कौशल का बेहतर उपयोग कर सकें।
आगे की योजना
इस समझौते के तहत, डीआईपीएस और चित्रा गैलरी साझेदारी के माध्यम से विभिन्न कार्यशालाओं और कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे, जहां कलाकार बौद्धिक संपदा के अधिकारों के बारे में अधिक जान सकेंगे। यह कदम न केवल कलाकारों की रचनात्मकता को संजीवनी देगा, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग भी करेगा।
कार्यक्रम में डीआईपीएस के हेड मार्केटिंग श्री राकेश डोभाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को सिद्धांत रूप में बौद्धिक संपदा के संरक्षण के प्रति एक व्यापक दृष्टिकोण के रूप में देखा।
अंततः, इस समझौते से उम्मीद की जा रही है कि यह स्थानीय कला समुदाय के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा और कलाकारों की मेहनत तथा रचनात्मकता को उचित सम्मान प्रदान करेगा।
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— Team PWC News, सुषमा राणावत
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