दिल्ली में “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” और “दलहन आत्मनिर्भरता मिशन” का शुभारंभ, चमोली की मीना तिवारी का विशेष योगदान
नई दिल्ली: दिल्ली के पूसा में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दो महत्वपूर्ण योजनाओं “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” और “दलहन आत्मनिर्भरता मिशन” का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना देश के आकांक्षी जिलों में कृषि उत्थान के लिए 11 मंत्रालयों की 36 उप-योजनाओं को समन्वित करते हुए लॉन्च की गई है, […] The post दिल्ली में आयोजित “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” और “दलहन आत्मनिर्भरता मिशन” में गोपेश्वर की मीना तिवारी ने किया चमोली का प्रतिनिधित्व appeared first on Devbhoomisamvad.com.
दिल्ली में “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” और “दलहन आत्मनिर्भरता मिशन” का शुभारंभ, चमोली की मीना तिवारी का विशेष योगदान
नई दिल्ली: दिल्ली के पूसा में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” और “दलहन आत्मनिर्भरता मिशन” का शुभारंभ किया। ये योजनाएँ देश के कृषि क्षेत्रों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना विशेष रूप से उन आकांक्षी जिलों पर केंद्रित है, जहाँ कृषि विकास की बहुत संभावनाएँ हैं। इस योजना के तहत 11 मंत्रालयों की 36 उप-योजनाओं को एकीकृत किया गया है, जो कृषि उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वहीं, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का उद्देश्य देश में दालों के बढ़ते उपभोग को देखते हुए, दालों के उत्पादन को बढ़ाना और आयात पर निर्भरता को कम करना है।
इस अवसर पर, कृषि अवसंरचना कोष, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी 1100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया गया। इस कार्यक्रम में चमोली की बहुउद्देशीय प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा मीना तिवारी को आमंत्रित किया गया। मीना तिवारी चमोली जिले के गोपेश्वर गांव की निवासी हैं और पिछले कई वर्षों से महिलाएँ स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए कार्य कर रही हैं।
मीना तिवारी का योगदान
मीना तिवारी ने अपने समाज में न केवल स्वरोजगार का माध्यम स्थापित किया है बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उपाय भी सुझाए हैं। उनका कार्य क्षेत्र विविध है, जिसमें स्वयं सहायता समूहों का गठन तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना शामिल है। मीना की पहल ने गोपेश्वर गांव में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे अन्य महिलाएँ भी प्रेरित होकर अपने कार्य शुरू कर रही हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश की कृषि नीतियों को और भी सशक्त बनाने की बात की। उन्होंने कहा कि, "कृषि को आत्मनिर्भर बनाने में ही न केवल देश की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।"
महिला सशक्तिकरण में मीना तिवारी का योगदान
मीना तिवारी जैसे उद्यमियों का योगदान भारतीय समाज में बेहद महत्वपूर्ण है। उनकी प्रशंसा केवल इस कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि आज वह एक प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं। उन्होंने अपने कार्य के माध्यम से यह साबित किया है कि महिलाएँ भी समाज के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी कि पुरुष।
कम शब्दों में कहें तो, प्रधानमंत्री की योजनाएँ न केवल कृषि के लिए बल्कि देश के आर्थिक सामर्थ्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। मीना तिवारी जैसे व्यक्तित्व इन योजनाओं के सकारात्मक क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
इस प्रकार, पीएम धन-धान्य योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के शुभारंभ ने कृषि के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत की है। इस अवसर पर मीना तिवारी का योगदान निश्चित रूप से सराहनीय है।
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टीम PWC News - प्रियंका शर्मा
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