देहरादून: शिमला बाईपास में अवैध प्लॉटिंग से निपटने के लिए एमडीडीए का निर्णायक अभियान
देहरादून में अवैध विकास पर जीरो टॉलरेंस, शिमला बाईपास क्षेत्रों में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त और अवैध व्यावसायिक निर्माण सील उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों पर तेज की गई प्रवर्तन कार्यवाही, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी जारी रहेगी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध प्लॉटिंग […] The post शिमला बाईपास में अवैध प्लॉटिंग पर प्रहार, एमडीडीए का बड़ा प्रवर्तन अभियान appeared first on Uttarakhand News Update.
देहरादून: शिमला बाईपास में अवैध प्लॉटिंग से निपटने के लिए एमडीडीए का निर्णायक अभियान
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कम शब्दों में कहें तो, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शिमला बाईपास क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया। इस पहल के तहत अवैध विज्ञापनों को ध्वस्त किया गया है और कई व्यावसायिक भवनों को सील किया गया है।
देहरादून में अवैध विकास को रोकने के लिए एमडीडीए ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई, जिसमें कई अवैध निर्माण और प्लॉटिंग को नष्ट किया गया। शुक्रवार को एमडीडीए की टीम ने शिमला बाईपास इलाके में व्यापक निरीक्षण किया, जिसके तहत विभिन्न अवैध आवासीय और व्यावसायिक निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के बारे में विवरण
आज के अभियान में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशानुसार, मेहुवाला माफी क्षेत्र में लगभग 10 बिघा में अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इस ध्वस्तीकरण कार्यवाही में सहायक अभियंता विजय सिंह रावत और अवर अभियंता जितेन्द्र कुमार भी उपस्थित थे। इसके अलावा, रावत मोहल्ला, बालावाला में किए गए अवैध व्यावसायिक भवन पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
एमडीडीए का दृढ़ संकल्प
इस दौरान, बंशीधर तिवारी ने कहा कि “एमडीडीए का स्पष्ट और दृढ़ संकल्प है कि किसी भी प्रकार के अवैध विकास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को नियमों के विरुद्ध विकास कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनके अनुसार, यह अभियान लंबे समय तक जारी रहेगा।”
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी कहा कि प्राधिकरण लगातार फील्ड निरीक्षण कर रहा है और अवैध निर्माण या प्लॉटिंग का पता लगते ही त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी निर्माण कार्य से पूर्व एमडीडीए से विधिवत स्वीकृति लेना अनिवार्य समझें।
भविष्य की योजनाएँ
एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि देहरादून का विकास सुरक्षित, सुव्यवस्थित और कानून के अनुरूप हो। इस नीति के तहत, सभी नागरिकों को जागरूक करने की योजना भी बनाई गई है, ताकि वे नियमों का पालन करें।
इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, शिमला बाईपास क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। एमडीडीए का यह अभियान न केवल अवैध विकास को रोकने में मदद करेगा, बल्कि पर्यावरण और सामुदायिक विकास के लिए भी एक सकारात्मक कदम होगा।
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संपर्क: टीम PWC News – दीप्ति शर्मा
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