देहरादून: संतों की सीएम धामी से मुलाकात में धर्म और संस्कृति की है महत्वपूर्ण चर्चा

देशभर के संतों ने सीएम धामी को धर्म और संस्कृति का सच्चा पुरोधा बताया देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों संतों

Nov 5, 2025 - 18:53
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देहरादून: संतों की सीएम धामी से मुलाकात में धर्म और संस्कृति की है महत्वपूर्ण चर्चा

देहरादून: संतों की सीएम धामी से मुलाकात में धर्म और संस्कृति की है महत्वपूर्ण चर्चा

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कम शब्दों में कहें तो, देश भर के प्रसिद्ध संतों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की, जहाँ उन्होंने उन्हें धर्म और संस्कृति का सच्चा पुरोधा बताया। इस बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जो समाज में धार्मिक एकता एवं समरसता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक हैं।

संतों का जमावड़ा

उत्तराखंड इन दिनों सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। यहां देशभर से आने वाले संत, प्रसिद्ध कथा वाचक धीरेन्द्र शास्त्री और कवि कुमार विश्वास की अगुवाई में सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में भाग लेने के लिए एकत्र हुए हैं। इस यात्रा का उद्घाटन आज उत्तरकाशी के गंगनानी से किया गया। संतों का कहना है कि एकता और समरसता की यह यात्रा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगी।

सीएम धामी की भूमिका

मुख्यमंत्री धामी ने संतों के साथ अपनी चर्चा में धार्मिक मूल्यों को संरक्षित करने और संस्कृति के प्रचार को लेकर विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक दृढ़ और एकजुट समाज ही देश को आगे बढ़ाने में सक्षम होगा। सीएम का मानना है कि भारत की विरासत और संस्कृति को संजोने की जिम्मेदारी सभी पर है, और संतों की उपस्थिति इस मिशन में महत्वपूर्ण है।

स्वागत और सम्मान

संतों द्वारा मुख्यमंत्री धामी को दिए गए सम्मान के पीछे यह भावना स्पष्ट थी कि वह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि धर्म और संस्कृति के एक सच्चे पैरोकार हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड हमेशा से धार्मिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक रहा है।

समाज में परिवर्तन की आवश्यकता

संतों का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को सही दिशा में मार्गदर्शन की आवश्यकता है। उन्होंने नहीं केवल धार्मिक मूल्यों बल्कि समाज में नैतिकता और एकता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उनका यह भी मानना है कि धर्म को राजनीति से अलग रखकर समाज में सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

संस्कृतियों का संगम

इस बैठक में विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा की गई, जिससे न केवल धार्मिकता बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। यह बैठक वास्तव में एक सांस्कृतिक संगम की तरह रही, जहाँ अलग-अलग विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

इस मुलाकात को सभी संतों ने बेहद महत्वपूर्ण बताया और उम्मीद जताई कि इससे राज्य में शांति, सद्भाव और धार्मिक एकता का माहौल बनेगा। यह केवल एक धार्मिक पहलू नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी का भी विषय है।

इस विशेष अवसर पर उपस्थित संतों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया और इस चर्चा को एक सकारात्मक दिशा में ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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यह मुलाकात निश्चित ही भविष्य में धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में नई दिशाएँ खोलने की संभावना को दर्शाती है।

टीम PWC News

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