पौड़ी में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर अधिकारियों की कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मिला मुआवजा
पौड़ी गढ़वाल जनपद में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह...
पौड़ी में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर अधिकारियों की कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मिला मुआवजा
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News
कम शब्दों में कहें तो पौड़ी जनपद में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और आवश्यक कदम उठाएँ।
पौड़ी गढ़वाल जनपद में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में प्रमुख सचिव, वन, आर.के. सुधांशु, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय और PCF (HoFF) रंजन कुमार मिश्र ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तहसील पौड़ी के गजल्ड गांव का दौरा किया। यहां, इन अधिकारियों ने गुलदार के हमले में मृत स्वर्गीय राजेन्द्र नौटियाल के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और प्रभावित परिवार को मुआवजे की अग्रिम राशि का चेक भेंट किया।
प्रमुख सचिव ने गजल्ड की घटना के संबंध में जिला प्रशासन और वन विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्रवाइयों और ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान सरकारी तंत्र और जनसहभागिता की संयुक्त प्रयासों में निहित है। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आदमखोर गुलदार के निस्तारण के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। इसके साथ ही, सत्यखाल गांव में स्थानीय निवासियों से भेंट की और उनकी वन्यजीव संबंधी शिकायतें सुनी।
प्रभावित क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने विकास भवन में प्रमुख सचिव से भेंट कर मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी न्यूनीकरण हेतु अपने सुझाव दिए। इन सुझावों में क्षेत्र से परिचित स्थानीय निवासियों को निस्तारण दल में शामिल करने, गुलदार को ट्रेंक्विलाइज करने के लिए दो निजी शूटरों की अनुमति देने और प्री-रिकॉर्डेड ऑडियो संदेश के माध्यम से जनजागरूकता फैलाने की मांगें शामिल थीं। प्रमुख सचिव ने इन सभी सुझावों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके पश्चात, प्रमुख सचिव ने विकास भवन सभागार में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई। उन्होंने निर्देश दिया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण हेतु प्रत्येक रेंज स्तर पर नियमित रूप से प्रभागीय दिवस आयोजित किए जाएँ। विभाग को ‘क्या करें-क्या न करें’ आधारित जनजागरुकता सामग्री तैयार कर शीघ्र वितरित करने के लिए भी कहा गया। इसके अलावा, उन्होंने रेंज एवं वन पंचायत स्तर पर व्हाट्सएप समूहों सहित विभागीय सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग वन्यजीव गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं के प्रसार के लिए करने का सुझाव दिया।
आयुक्त गढ़वाल ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष एक संवेदनशील विषय है, जिसमें त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ समुदाय का सतत सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय जनसमुदाय मिलकर कार्य करेंगे तो इस चुनौती को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए नियमित चारा व्यवस्था के लिए पशुपालन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, साथ ही सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों के समय परिवर्तन की भी व्यवस्था की गई है।
इस तरीके से, सरकार और स्थानीय लोग मिलकर इस समस्या का समाधान निकालने में प्रयासरत हैं, जो मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले को काफी हद तक कम कर सकता है।
अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.
सादर, टीम PWC न्यूज़, दीपिका शर्मा
What's Your Reaction?