बैकफुट पर बीजेपी : हरीश रावत के AI वीडियो विवाद का नया मोड़
देहरादून। हरीश रावत के AI वीडियो प्रकरण में बीजेपी बैकफुट पर नजर आ रही है। हरीश रावत के प्रदर्शन के
एआई वीडियो पॉलिटिक्स: बैकफुट पर बीजेपी, सोशल मीडिया हैंडल से हटाए AI वीडियो, वजह जानें…
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में बीजेपी हरीश रावत के AI वीडियो विवाद के चलते बैकफुट पर आ गई है। पार्टी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने का संज्ञान लिया है।
देहरादून। हरीश रावत के AI वीडियो विवाद ने उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल को एक नया मोड़ दिया है। जहां एक ओर हरीश रावत ने खुद को इस मामले में सही ठहराने का प्रयास किया है, वहीं बीजेपी इस मुद्दे पर बैकफुट पर नजर आ रही है। पार्टी ने अपनी ऑफिशियल फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट्स से हरीश रावत का AI वीडियो हटा दिया है। इस पर कांग्रेस ने भाजपा से माफी मांगने की मांग की है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
क्या है AI वीडियो की कहानी?
हरीश रावत ने अपने एआई वीडियो में मुसलमानों के खिलाफ रुख अपनाने का आरोप लगाया है, जो भाजपा के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है। रावत का यह वीडियो बीजेपी के आरोपों का मुख्य केंद्र बन गया था, जिससे पार्टी को राजनीतिक नुकसान की आशंका है। वीडियो में हरीश रावत को मुस्लिम टोपी पहने दिखाया गया था, जिसने कई राजनीतिक सवाल खड़े किए।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
बीजेपी ने इस विवाद के चलते तुरंत कार्रवाई करते हुए वीडियो को अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल से हटा लिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी इस मामले को लेकर गंभीर है और किसी भी तरह की आलोचना से बचना चाहती है। हालांकि, इससे कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवाल बने रहेंगे।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस ने इस सुराचाली वीडियो मामले में बीजेपी को घेरने का अवसर नहीं छोड़ा। उन्होंने पार्टी से मांग की है कि वह हरीश रावत से माफी मांगे। कांग्रेस नेता दावा करते हैं कि यह वीडियो बीजेपी की मानसिकता को दर्शाता है और इसे आम जनता के सामने उजागर करने का प्रयास किया जाएगा।
विचार और अंतर्दृष्टि
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर से ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर चर्चा में मजबूरी दिखाई है। राजनीतिक दलों के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वे अपनी छवि को बचाने के लिए सही सन्देश को सच्चाई के साथ संप्रेषित करें। सोशल मीडिया के इस युग में, एक वीडियो की शक्ति किसी भी पार्टी को सत्ता दिला सकती है या उसे राजनीतिक रूप से तहस-नहस कर सकती है।
निष्कर्ष
आखिरकार, यह AI वीडियो विवाद न केवल बीजेपी के लिए एक चुनौती है बल्कि तीव्र राजनीतिक बहस को जन्म देकर उत्तराखंड की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह देखना होगा कि क्या बीजेपी इस मुद्दे को संभाल सकेगी या हरीश रावत अपनी मांग में सफल होंगे।
इस मामले पर और अधिक अपडेट के लिए, हमारी वेबसाइट पर जाएं.
सादर, टीम PWC न्यूज़ - साक्षी शर्मा
What's Your Reaction?