भारत-चीन संबंध: नया वीज़ा निर्णय क्या बदल रहा है?
भारत ने दुनिया भर में मौजूद अपने दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के माध्यम से चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीज़ा जारी करना फिर शुरू कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर 2020 से चले आ रहे तनाव के बाद संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में […] The post क्या बदल रहे हैं भारत और के चीन रिश्ते? नए वीज़ा फैसले ने बढ़ाई हलचल appeared first on Khabar Sansar News.
भारत-चीन संबंध: नया वीज़ा निर्णय क्या बदल रहा है?
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कम शब्दों में कहें तो भारत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीज़ा जारी करना फिर से शुरू कर दिया है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर 2020 से जारी तनाव को सामान्य बनाने की कोशिशें चल रही हैं।
एलएसी तनाव और वीज़ा निलंबन का पृष्ठभूमि
अप्रैल-मई 2020 में भारत और चीन के बीच LAC पर सैन्य गतिरोध ने दोनों देशों के रिश्तों को गंभीर खतरे में डाल दिया था। इस गतिरोध के दौरान गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प ने रिश्तों को सबसे निचले स्तर पर ला दिया, जिसमें भारत के 20 जवानों और कम से कम चार चीनी सैनिकों की जान गई। इस घटना के चलते भारत ने चीनी नागरिकों के वीज़ा निलंबित कर दिए थे।
हालांकि, जुलाई 2024 में भारत ने सीमित स्तर पर पर्यटक वीज़ा को कुछ चुनिंदा भारतीय मिशनों के माध्यम से फिर से जारी किया था, जो केवल बीजिंग, शंघाई, ग्वांगझू और हांगकांग में लागू था।
वैश्विक दूतावासों से आवेदन शुरू—बिना औपचारिक घोषणा
हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, भारत ने अपने सभी दूतावासों में चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीज़ा जारी करना प्रारंभ कर दिया है। हालांकि, सरकार ने इसकी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। सूत्रों का मानना है कि यह कदम हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच पैदा हुई सहमति का हिस्सा है।
जन-केंद्रित कदमों के जरिये संबंध सुधार
भारत और चीन के बीच संबंधों को सुधारने के लिए कई “जन-केन्द्रित” उपायों पर सहमति बनी है। इनमें शामिल हैं:
- 2020 से बंद हुई सीधी उड़ानों का अक्टूबर 2024 में पुनः आरंभ होना
- ग्रीष्मकाल में कैलाश-मानसरोवर यात्रा फिर से प्रारंभ करना
- विभिन्न श्रेणियों के यात्रियों के लिए वीज़ा सुविधा का विस्तार
- राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करना
दोनों देशों के रिश्तों पर क्या होगा प्रभाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटक वीज़ा का वैश्विक स्तर पर पुनः प्रारंभ होना यह संकेत है कि भारत और चीन अपनी अनिश्चितताओं को दूर कर रहे हैं और शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में ‘पीपल-टू-पीपल कनेक्ट’ को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं।
आने वाले महीनों में व्यापार, यात्रा और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूती प्रदान कर सकता है।
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सादर, टीम PWC News (कृश्णा शर्मा)
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