मुख्यमंत्री धामी ने ‘सशक्त बहना उत्सव’ में महिलाओं को दी प्रेरणा, आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में बढ़ें कदम

महिलाओं के साथ मट्ठा निर्माण, ऐंपण कला, सोल्डरिंग, धान कूटने और लौह उत्पाद निर्माण में सहभागिता टनकपुर/चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह

Oct 16, 2025 - 18:53
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मुख्यमंत्री धामी ने ‘सशक्त बहना उत्सव’ में महिलाओं को दी प्रेरणा, आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में बढ़ें कदम

मुख्यमंत्री धामी ने ‘सशक्त बहना उत्सव’ में महिलाओं को दी प्रेरणा

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘सशक्त बहना उत्सव’ में महिलाओं के आत्मविश्वास और उद्यमशीलता को दर्शाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

टनकपुर/चम्पावत में आयोजित इस उत्सव में महिलाओं ने मट्ठा निर्माण, ऐंपण कला, सोल्डरिंग, धान कूटने और लौह उत्पाद निर्माण में सक्रिय भाग लिया। मुख्यमंत्री धामी ने समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं उत्तराखंड की विकास यात्रा की अग्रदूत बन सकती हैं।

सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव

इस कार्यक्रम में पारंपरिक लोक संगीत और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत माहौल था। विभिन्न पारंपरिक परिधान पहने हुए महिलाओं ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे उत्सव को और भी रंगीन बना दिया। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हमें अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजीवनी देने की आवश्यकता है, उस दिशा में महिलाएं अहम भूमिका निभा सकती हैं।

महिलाओं का सशक्तिकरण

धामी ने यह भी कहा कि महिलाएं सामाजिक और आर्थिक दोनों ही क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की भी घोषणा की।

एक कदम आगे

इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने टनकपुर में एक विशेष प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना की घोषणा की, जहां महिलाओं को आधुनिक तकनीकों से जुड़े कौशल सिखाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस तरह के प्रयास महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य के विकास में सहायक साबित होंगे।

इस उत्सव ने न केवल महिलाओं को प्रेरित किया, बल्कि समाज में उनके योगदान को भी मान्यता दी। महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से यह साबित किया कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।

इस आयोजन के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि जब महिलाएं समर्थ होती हैं, तो समग्र समाज भी आगे बढ़ता है। इसके साथ ही, उत्तराखंड में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयासों की आवश्यकता है।

महिलाओं की मेहनत और समर्थन से ही हमारा समाज और राज्य आगे बढ़ सकता है। इसलिए, हर महिला को अपने अंदर की ताकत पहचानने और उसे बाहरी दुनिया के समक्ष लाने की आवश्यकता है।

अंत में, हम यही कहेंगे कि सशक्त महिलाओं का सशक्त समाज और सशक्त उत्तराखंड की ओर है।

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टीम PWC News
शीतल रानी

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