मुवानी में प्रशासन और रामगंगा संघर्ष समिति के बीच संवाद, विवाद और क्रमिक अनशन का दूसरा दिन

रामगंगा घाटी विकास संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी...

Sep 15, 2026 - 18:53
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मुवानी में प्रशासन और रामगंगा संघर्ष समिति के बीच संवाद, विवाद और क्रमिक अनशन का दूसरा दिन

मुवानी में प्रशासन और रामगंगा संघर्ष समिति के बीच संवाद, विवाद और क्रमिक अनशन का दूसरा दिन

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कम शब्दों में कहें तो, रामगंगा घाटी विकास संघर्ष समिति के बैनर तले जारी क्रमिक अनशन का दूसरा दिन भी बेनतीजा रहा। उपजिलाधिकारी खुशबू पांडे के प्रयासों के बावजूद, संवाद का कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकला।

रामगंगा घाटी विकास संघर्ष समिति द्वारा आयोजित अनशन का यह सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। पंद्रह सूत्रीय मांगों को लेकर यह धरना डीडीहाट क्षेत्र में संपन्न हो रहा है। रैली में डीडीहाट की उपजिलाधिकारी खुशबू पांडे के नेतृत्व में अधिकारी भी शामिल हुए, जिन्होंने आंदोलनकारियों से वार्ता की।

दो घंटे तक चली इस वार्ता में संबंधित विभागों के कई अधिकारी भी उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, लेकिन वार्ता के बावजूद किसी भी मुद्दे पर कोई समाधान नहीं निकला। मुवानी में प्रशासन वार्ता

वास्तव में, संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमल दीप सिंह ने अगले चरण की कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "जब तक हमारी मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक हमारा अनशन जारी रहेगा।" उनकी मांगों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, मोटर पुल, पैदल पुल, और प्रशासनिक इकाइयों का गठन शामिल है।

इस क्रमिक अनशन में विभिन्न समाजों के लोग शामिल हुए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से कमल दीप सिंह, अशोक कुमार, जनक बहादुर चंद, और मेहर सिंह कठायत आते हैं। इनके अलावा, विक्रम कठायत, सुमित पाल, राम सिंह राठौर, सूरज गोरखा, और अन्य कई लोग भी उपस्थित रहे। यह स्पष्ट है कि स्थानीय जनता की समस्याओं को लेकर एक गहरी असंतोष की भावना है।

वर्तमान में, लोग शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से चिंतित हैं। इसके अलावा, सड़कों और पुलों की स्थिति भी लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। इस बांध के मुद्दे पर स्थानीय लोगों में व्यापक असंतोष है।

हमारे देश में ऐसी आंदोलनों की आवश्यकता हमेशा रहती है, ताकि सरकारें जनता की प्राथमिकताओं को समझें और उन पर तेजी से काम कर सकें। इस तरह के समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, संघर्ष समिति ने अपनी बात को जन-जन तक पहुंचाने का कड़ा प्रयास किया है।

इस मुद्दे पर और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए, आप यहाँ क्लिक करें.

Team PWC News द्वारा, प्रियंका शर्मा

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