सरकारी ईमेल अब Zoho पर, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में नये चरण का आगाज़
केंद्र सरकार ने अपने सभी 12 लाख कर्मचारियों के ईमेल पतों को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) आधारित प्रणाली से बदलकर तमिलनाडु के तेनकासी स्थित स्वदेशी कंपनी Zoho के प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया है। इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के ईमेल भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम डेटा सुरक्षा को मजबूत करने […] The post सरकारी ईमेल अब Zoho पर, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम appeared first on Khabar Sansar News.
सरकारी ईमेल अब Zoho पर, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में नये चरण का आगाज़
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कम शब्दों में कहें तो, केंद्र सरकार ने अपने 12 लाख कर्मचारियों के ईमेल पतों को स्वदेशी कंपनी Zoho के प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया है, जो डेटा सुरक्षा को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
केंद्र सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है जिसके तहत उसने अपने सभी 12 लाख कर्मचारियों के ईमेल पतों को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) की प्रणाली से हटाकर तमिलनाडु में स्थित स्वदेशी कंपनी Zoho के प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया है। यह बदलाव प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के ईमेलों को भी कवर करता है, जिससे यह एक व्यापक सुधार का हिस्सा बन गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से न केवल डेटा सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि यह भारत सरकार की आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
Zoho सूट से होगा सरकारी कामकाज, ओपन सोर्स टूल्स पर रोक
सरकारी कर्मचारी अब Zoho ऑफिस सूट का उपयोग करेंगे, जिससे वे वर्ड फाइल, स्प्रेडशीट, और प्रेजेंटेशन जैसे कार्य करने में सक्षम होंगे। यह प्लेटफॉर्म पहले से ही NIC मेल सिस्टम से जुड़ा था, लेकिन अब सभी ईमेल सीधे Zoho के सर्वर पर होस्ट किए जाएंगे। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओपन सोर्स टूल्स का उपयोग पहले डेटा सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था, जिसका ध्यान रखते हुए Zoho सूट को मुख्य प्लेटफॉर्म के रूप में चुना गया है।
शिक्षा मंत्रालय ने दिया Zoho इस्तेमाल का आदेश
3 अक्टूबर को, शिक्षा मंत्रालय ने सभी अधिकारियों को Zoho सूट का उपयोग करने के निर्देश दिए। मंत्रालय का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य भारत को "सेवा आधारित अर्थव्यवस्था" से "उत्पाद आधारित राष्ट्र" की दिशा में आगे बढ़ाना है। इसके तहत NIC का डोमेन पहले जैसा ही निकलेगा, परंतु सभी ईमेल अब Zoho के सर्वर पर होस्ट किए जाएंगे।
डेटा सुरक्षा पर होगी सख्त निगरानी
Zoho को वर्ष 2023 में सात साल की अवधि के तहत यह जिम्मेदारी दी गई थी। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय NIC, CERT-In और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। Zoho प्लेटफॉर्म का नियमित सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है ताकि डेटा पूरी तरह सुरक्षित रह सके।
इस बदलाव का समर्थन करते हुए, पूर्व आईएएस अधिकारी के.बी.एस. सिद्धू ने कहा कि डेटा सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने बताया कि उनकी कंपनी ग्राहकों के डेटा को एकत्र नहीं करती और विश्वास उनके लिए सबसे बड़ी पूंजी है।
भारत की डिजिटल संप्रभुता को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारत के डिजिटल ढांचे में एक बड़ा परिवर्तन साबित होगा। यदि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया गया, तो यह पहल देश की डिजिटल संप्रभुता और स्वदेशी तकनीक को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
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टीम PWC News, अनुजा मेहता
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