सीएम धामी का 140 छात्रों के साथ संवाद - युवा सशक्तिकरण की नई पहल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित...

Sep 18, 2026 - 18:53
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सीएम धामी का 140 छात्रों के साथ संवाद - युवा सशक्तिकरण की नई पहल

सीएम धामी का 140 छात्रों के साथ संवाद - युवा सशक्तिकरण की नई पहल

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कम शब्दों में कहें तो, आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में 140 छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर से चयनित 140 विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के विचारों और सुझावों को ध्यान से सुना तथा उत्तराखण्ड के भविष्य को लेकर उनके दृष्टिकोण को जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं से मिलने वाले व्यवहारिक और उपयोगी सुझावों को अपनी योजनाओं और नीति-निर्धारण में शामिल करने का प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री धामी संवाद

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि राजकीय विद्यालयों में 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने एवं विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। उदाहरण के लिए, ‘शिक्षा एवं युवा अवसर’ विषय में मयूह भंडारी और रवीना, ‘पर्यावरण, वन एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता’ में शेरोन कपूर, ‘स्वास्थ्य एवं जन सेवाएं’ में सतीश कुमार, ‘पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन एवं रोजगार’ में माही बलाई, और ‘महिला एवं बाल कल्याण’ विषय में अनुष्का नेगी ने पुरस्कार जीते।

मुख्यमंत्री ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने विचार और सुझाव साझा किए हैं, जो बताता है कि उत्तराखंड का युवा अपने राज्य के विकास को लेकर कितनी जागरूकता रखता है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव दिए जोकि प्रदेश के विकास में सहायक साबित हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार और युवाओं के बीच संवाद को निरंतर बनाए रखना आवश्यक है।” उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक और नवाचार के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने का लक्ष्य सम्पूर्ण भारत के लिए है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को एआई, रोबोटिक्स और डिजिटल कौशलों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, और यह भी कहा कि सरकार केवल युवाओं को रोजगार की दिशा में नहीं, बल्कि उद्यमिता और स्वरोजगार के माध्यम से भी प्रोत्साहित करना चाहती है। पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात भी कही गई।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के प्रति उत्साहित करते हुए कहा, “उत्तराखंड के युवा हमारी शक्ति हैं, जिनकी ऊर्जा और नवाचार राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।”

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए कई सुझाव भी साझा किए। उत्तरकाशी के अनमोल प्रमार ने स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी ग्रामीण स्तर तक पहुँचाने की आवश्यकता बताई, जबकि रुद्रपुर की वैष्णवी ने ‘नॉलेज बैंक’ की स्थापना का सुझाव दिया। इस तरह के सुझाव राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार नीति निर्माण में सहायक हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “बड़े सपने देखने, प्रयास करने, और अपनी क्षमताओं पर यकीन रखने की आवश्यकता है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए लगातार मेहनत करनी होगी।”

इस आयोजन की सफलता के लिए विद्यालयी शिक्षा विभाग की पूरी टीम को भी मुख्यमंत्री ने बधाई दी। इस प्रकार का संवाद और कार्यक्रम युवाओं को संजीवनी प्रदान करता है और उनके दृष्टिकोण को सकारात्मक दिशा में बढ़ावा देता है।

युवाओं के विचारों और संवाद को अधिक महत्व देते हुए मुख्यमंत्री की यह पहल नए उत्तराखण्ड के निर्माण में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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