अमेरिकी शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन Bloodbath, 2,231 अंक लुढ़का Dow Jones, भारतीय मार्केट का क्या होगा?

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने शुक्रवार को कहा कि ट्रंप द्वारा भारी टैरिफ लगाने से अमेरिका में महंगाई बढ़ने और मंदी का खतरा है।

Apr 5, 2025 - 07:53
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अमेरिकी शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन Bloodbath, 2,231 अंक लुढ़का Dow Jones, भारतीय मार्केट का क्या होगा?

अमेरिकी शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन Bloodbath, 2,231 अंक लुढ़का Dow Jones, भारतीय मार्केट का क्या होगा?

News by PWCNews.com

लेख का सारांश

अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले दो दिनों में भारी गिरावट देखी गई है, जहां Dow Jones ने 2,231 अंक लुढ़ककर निवेशकों को चिंतित कर दिया है। इस मौजूदा स्थिति का असर केवल अमेरिकी निवेशकों पर नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है, विशेषकर भारतीय मार्केट पर। इसके कारणों में उच्च मुद्रास्फीति, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताएँ और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता शामिल हैं।

Dow Jones की गिरावट के कारण

Dow Jones Industrial Average में आई यह गिरावट कई कारकों के संयोजन के कारण हुई है। प्रमुख कारणों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों की बढ़ती संभावनाएं और अनिश्चित आर्थिक संकेत शामिल हैं। इस प्रकार की आर्थिक अस्थिरता निवेशकों की विश्वास को हिला देती है, जिससे शेयर की कीमतें तेजी से गिरने लगती हैं।

भारतीय मार्केट पर संभावित प्रभाव

भारत के शेयर बाजार पर अमेरिकी शेयर बाजार की गिरावट का सीधा असर पड़ सकता है। जैसे ही विदेशी निवेशक अपने निवेश वापस लेते हैं, भारतीय शेयर बाजार में भी बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, भारतीय रुपये में गिरावट और विदेशी पूंजी की कमी से स्थानीय बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बाजार को इस संकट का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

किराए और जिंस बाजार की स्थिति

एक स्पष्ट गिरावट के बाद, निवेशकों को जिंस बाजार, जैसे सोना और कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर रखनी चाहिए। अगर आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं होता, तो इन बाजारों में भी गिरावट सम्भावित है। विशेष रूप से सोने की कीमतें आमतौर पर वित्तीय अस्थिरता के दौरान बढ़ती हैं, जहां निवेशक सुरक्षित संपत्ति का रुख कर सकते हैं।

निष्कर्ष

इस समय निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि वे धैर्य बनाए रखें और अपने निवेश के निर्णयों को सही तरीके से लें। दीर्घकालिक दृष्टिकोण से सोने, स्वास्थ्य देखभाल और टिकाऊ संसाधनों जैसे स्थिर क्षेत्रों में निवेश करने पर विचार करना फायदेमंद हो सकता है। अपने पोर्टफोलियो को विविधितर करने से बाजार की अस्थिरता के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

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