कांग्रेस ने मोदी के जन्मदिन पर अग्निवीर योजना को लेकर उठाए सवाल, स्थायी रोजगार की तलाश में युवा
आज कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह...
कांग्रेस ने मोदी के जन्मदिन पर अग्निवीर योजना को लेकर उठाए सवाल, स्थायी रोजगार की तलाश में युवा
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कम शब्दों में कहें तो आज, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर अग्निवीर योजना को लेकर सरकार के इरादों पर सवाल उठाए हैं।
आज कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह एवं चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत ने एक प्रेस वार्ता की। इस बैठक में गणेश गोदियाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीपोत्सव को लेकर आलोचना की, यह कहते हुए कि "जब आम आदमी टमाटर और प्याज की महंगाई से जूझ रहा है, उस समय प्रधानमंत्री को दीप जलाने की किसी प्रतियोगिता में शामिल होना शोभा नहीं देता।"
गणेश गोदियाल ने कहा कि "अगर दीपक देश की जनता के कामों से खुश होकर जलते तो यह और भी उचित होता।" उन्होंने यह भी कहा कि अग्निवीर योजना स्थायी रोजगार के अवसरों को सीमित करती है, इससे देश के युवा भ्रमित हो रहे हैं।
देश के युवाओं की स्थायी नौकरी की उम्मीदें
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देश के लाखों युवा सेना में स्थायी नौकरी की तैयारी करते हैं, लेकिन अग्निवीर योजना के तहत अधिकांश युवा चार साल बाद बेरोजगारी से जूझना पड़ता है। इस मुद्दे पर प्रीतम सिंह ने कहा कि "युवाओं को स्थायी नौकरी चाहिए, चार साल की अस्थायी सेवा नहीं।"
युवाओं के सामने भविष्य की अनिश्चितता
बेहतर भविष्य की तलाश में युवा 17-18 वर्ष की उम्र में सेना में शामिल होते हैं, लेकिन चार वर्ष बाद उनका करियर समाप्त होने के बाद वे पुनः रोजगार की तलाश में भटकते हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि संक्षिप्त सेवा के बाद युवा अपने परिवार और भविष्य को कैसे सुरक्षित करेंगे?
सेवा अवधि और उनके अधिकारों में असमानता
गणेश गोदियाल ने कहा कि "स्थायी सैनिकों और अग्निवीरों के बीच सम्मान और अधिकारों में इतना बड़ा असमानता क्यों है?" उन्होंने यह भी बताया कि सेना सिर्फ नौकरी नहीं है, बल्कि यह एक जिम्मेदारी और सम्मान की बात है। सैनिकों का अनुभव और अनुशासन वर्षों की सेवा द्वारा विकसित होता है।
उत्तराखंड के युवा जो सेना में अद्भुत परंपरा का पालन करते आ रहे हैं, उनके परिवारों के लिए अग्निवीर व्यवस्था का क्या परिणाम होगा, इस पर प्रीतम सिंह ने चिंता जाहिर की।
बेरोजगारी और सामाजिक सुरक्षा
डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि "सिर्फ विभाजन या आरक्षण की घोषणाएं समस्या का समाधान नहीं हैं। हमें जब वास्तविक नियुक्तियों के आंकड़े जानने होंगे।" उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे सैन्य बाहुल्य राज्य में, अग्निवीर योजना भावनाओं के साथ खेलने जैसा है।
युवाओं की चिंता यह भी है कि पेंशन और सामाजिक सुरक्षा का क्या होगा। चार साल के बाद वे कहां जाएंगे? कांग्रेस का यह भी मांग है कि क्या सरकार जवानों के लिए ठोस रोजगार का कानून लाएगी?
कांग्रेस की नियुक्तियों की मांग
कांग्रेस ने कहा है कि वे सेना की नियमित भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने, रिक्त पदों को शीघ्र भरने और युवाओं को पर्याप्त भर्ती अवसर देने की मांग कर रहे हैं।
अग्निवीरों का भविष्य और सरकार की जिम्मेदारियां
एक सवाल यह भी है कि चार साल की सेवा के बाद अस्थाई रोजगार में लगे युवाओं का भविष्य क्या होगा? क्या सरकार अग्निवीरों को भविष्य में सम्मानजनक सेवा-सुरक्षा प्रदान करने पर विचार करेगी?
अंततः, कांग्रेस का स्पष्ट बयान है: "देश के युवा चार साल की नौकरी नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की मांग कर रहे हैं। सेना को प्रयोगशाला में नहीं बदला जा सकता। अग्निवीरों के भविष्य की गारंटी सरकार को देनी होगी।"
यह खबर हमें प्रेरित करती है कि हमें आगे की तरफ विचार करना चाहिए ताकि भारत के मेहनती युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
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सारांश: मोदी के जन्मदिन पर कांग्रेस ने अग्निवीर योजना को लेकर सरकार से गंभीर सवाल पूछे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर कितनी गंभीर है।
सादर,
टीम PWC News
सुमन देवी
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