खटीमा में 215 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज, सीएम धामी ने किया ध्वजारोहण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कंजाबाग तिराहा खटीमा में मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत कार्यदायी संस्था...
खटीमा में 215 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज, सीएम धामी ने किया ध्वजारोहण
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के कंजाबाग तिराहे पर ₹47.42 लाख की लागत से बनाए गए 215 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर ध्वज का विधिवत पूजन करने के बाद इसे ध्वजारोहण किया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और शौर्य का प्रतीक है। यह ध्वज हर नागरिक को देशभक्ति की भावना से प्रेरित करेगा।
कार्यों का उद्देश्य
इस ध्वज का निर्माण कार्य राज्य सरकार की एक घोषणा के तहत लघु सिंचाई विभाग द्वारा किया गया है। इस ध्वज को देखने के लिए स्थानीय नागरिकों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा था। ध्वज उठाने के बाद, मुख्यमंत्री ने इसे हमारी संस्कृति और ऐतिहासिक चेतना का प्रतीक बताया।
पश्चिमी उत्तराखंड में एक मील का पत्थर
इस ध्वज का लोकार्पण उत्तराखंड के पश्चिमी हिस्से खटीमा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल नागरिकों को एकजुट करेगा बल्कि युवाओं में देशभक्ति की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा। इस अवसर पर नागरिकों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और इस ध्वज को देखने के लिए उमड़ पड़े।
किसानों के लिए नई योजनाएँ
इस कार्यक्रम में लघु सिंचाई विभाग ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजना का भी विस्तृत प्रचार किया। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सोलर ऊर्जा के फायदों से अवगत कराना और उन्हें सौर ऊर्जा के माध्यम से आमदनी बढ़ाने में मदद करना है। प्रदर्शनी में लोगों को इस योजना के विस्तृत लाभों की जानकारी दी गई।
इस ध्वज के लोकार्पण के साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी उम्मीद जाहिर की कि इससे आस्था और एकता का एक नया प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि यह झंडा हमारे सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा और हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बनेगा।
अंत में, मुख्यमंत्री धामी ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस ध्वज के प्रति श्रद्धा और सम्मान कायम रखें और इसे कभी भी गिरने न दें। राज्य सरकार इस ध्वज के संरक्षण के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
इस ध्वज के साथ-साथ प्रदेश की अन्य विकास योजनाओं की भी चर्चा हुई, जो किसानों और स्थानीय लोगों के हित में है। इसके माध्यम से सृजित वातावरण न केवल प्रेरित करेगा बल्कि लोगों के हृदय में राष्ट्र प्रेम भी उतारेगा।
दैनिक समाचार, महत्व के मुद्दे, और विशेष कहानियों के लिए, PWC News पर जाएं।
स्थानिक और राष्ट्रीय ध्वज की प्रतिष्ठा भारत की सांस्कृतिक धरोहर का एक अनिवार्य हिस्सा है। हमें इन ध्वजों को गर्व के साथ लहराना चाहिए।
— टीम PWC News
What's Your Reaction?