चमोली टनल हादसा: पीपलकोटी THDC में मलबा आने से युद्धस्तर पर चल रहा है रेस्क्यू

चमोली के पीपलकोटी स्थित THDC की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में मलबा और पानी आने के बाद राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ त्वरित रेस्क्यू के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF, SDRF, ITBP और सेना की टीमें मौके पर राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं। Source

Aug 14, 2026 - 00:53
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चमोली टनल हादसा: पीपलकोटी THDC में मलबा आने से युद्धस्तर पर चल रहा है रेस्क्यू

चमोली टनल हादसा: पीपलकोटी THDC में मलबा आने से युद्धस्तर पर चल रहा है रेस्क्यू

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कम शब्दों में कहें तो चमोली के पीपलकोटी स्थित THDC की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में मलबा और पानी आने के कारण राहत एवं बचाव कार्रवाई सैन्य स्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को त्वरित रेस्क्यू के निर्देश दिए हैं।

घटना का विवरण

बुधवार, 15 मार्च 2023 को, चमोली के पीपलकोटी में स्थित THDC की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में मलबा और पानी भरने की सूचना मिली। इस हादसे ने परियोजना के कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया। हादसे के बाद, जिला प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है।

मुख्यमंत्री का निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि किसी भी प्रकार की राहत में देरी नहीं होनी चाहिए और रेस्क्यू ऑपरेशन को युद्ध स्तर पर संचालित किया जाएगा।

रेस्क्यू कार्य में शामिल टीमें

इस समय रेस्क्यू कार्य में जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF, SDRF, ITBP और सेना की टीमें जुटी हुई हैं। ये सभी टीमें अपने-अपने संसाधनों और क्षमताओं के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय हैं। स्थानीय लोगों का भी रेस्क्यू कार्य में सहयोग मिल रहा है, और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

स्थल पर स्थिति

मौके पर पहुंची टीमों ने सबसे पहले हालात की गंभीरता का आकलन किया और तुरंत आवश्यक कार्रवाई शुरू की। टनल के अंदर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास जारी है, और सभी संभावित सावधानियों का पालन किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावना को नकारा जा सके।

निष्कर्ष

चमोली में हुई इस टनल दुर्घटना ने एक बार फिर से हमें यह याद दिलाया है कि प्राकृतिक आपदाएं और तकनीकी विफलता कभी भी हो सकती है। सरकार और संबंधित एजेंसियों का संज्ञान लेना और त्वरित कार्रवाई करना इस प्रकार की घटनाओं में सबसे महत्वपूर्ण होता है। आने वाले समय में, यह भी आवश्यक होगा कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए बेहतर योजना और तकनीकी उपाय किए जाएं।

जब तक राहत कार्य जारी है, हम सभी की प्रार्थनाएं प्रभावितों के साथ हैं। प्रभावितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति जताते हैं और आशा करते हैं कि सभी को सुरक्षित निकाला जा सके।

अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए, कृपया pwcnews.com पर विजिट करें।

सादर,

Team PWC News, सुषमा शर्मा

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