टनकपुर–बनबसा फोरलेन में परिवर्तन की मांग, सुझाव एलिवेटेड रोड या बाईपास निर्माण का

मुख्यमंत्री के साथ ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं अजय टम्टा को सामाजिक कार्यकर्ता दीप पाठक ने भेजा ज्ञापन टनकपुर/चम्पावत।

Mar 29, 2026 - 00:53
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टनकपुर–बनबसा फोरलेन में परिवर्तन की मांग, सुझाव एलिवेटेड रोड या बाईपास निर्माण का

टनकपुर–बनबसा फोरलेन में परिवर्तन की मांग, सुझाव एलिवेटेड रोड या बाईपास निर्माण का

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कम शब्दों में कहें तो, टनकपुर–बनबसा फोरलेन रोड में सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है, जिसके लिए सुझाव दिए गए हैं कि या तो एक एलिवेटेड रोड बनाई जाए या एक बाईपास का निर्माण किया जाए। यह मांग सामाजिक कार्यकर्ता दीप चंद्र पाठक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा को ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तुत की है।

टनकपुर–बनबसा राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति

टनकपुर–बनबसा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) का निर्माण क्षेत्र में कई समस्याओं का कारण बन रहा है। कई स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों ने इस सड़कों के निर्माण को लेकर अपनी चिंताओं का इज़हार किया है। टनकपुर और बनबसा के बीच आवागमन की बढ़ती भीड़ और बढ़े हुए दुर्घटनाओं के मामलों ने यह सिद्ध कर दिया है कि इस मार्ग में बदलाव की आवश्यकता है।

सामाजिक कार्यकर्ता का ज्ञापन

दीप चंद्र पाठक ने आरंभिक नजर में ही इस समस्या को गंभीरता से लिया और उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन भेजा। उन्होंने अपने ज्ञापन में सुझाव दिया कि एलिवेटेड रोड या बाईपास निर्माण से न केवल यातायात की समस्या हल होगी, बल्कि यह क्षेत्र के विकास में भी सहायक होगा। जब टनकपुर और बनबसा के बीच फ्लो बढ़ेगा, तब स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी एक नई गति मिलने की संभावना है।

स्थानीय लोगों की समस्याएं

टनकपुर–बनबसा फोरलेन की स्थिति की वजह से स्थानीय लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यत: निम्नलिखित मुद्दों पर जोर दिया जा रहा है:

  • यातायात जाम: इस मार्ग पर बढ़ता यातायात जाम विभिन्न समय पर स्थानीय लोगों को परेशान कर रहा है।
  • दुर्घटनाएं: अनियंत्रित यातायात के चलते दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हो रही है।
  • विकास में बाधायें: बिना उचित यातायात प्रबंधन के क्षेत्र का विकास ठहर सा गया है।

सरकारी प्रतिक्रिया

सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा ज्ञापन प्रस्तुत करने के बाद, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सरकारी अधिकारी इस मुद्दे पर ज़रूर ध्यान देंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से एक सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा रही है। इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय आने से स्थानीय निवासियों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद बनी रहेगी।

निष्कर्ष

टनकपुर-बनबसा फोरलेन में बदलाव की मांग केवल एक सड़क सुधार की आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। समाजिक कार्यकर्ताओं की पहल खासतौर पर दिखा रही है कि वे अपने समुदाय के प्रति कितने जिम्मेदार हैं। इस बदलाव के लिए जनता का सहयोग और सरकार की ठोस पहल ही अत्यावश्यक है।

इस मुद्दे पर और जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.

साभार,
टीम PWC News
राधिका शarma

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