दिल्ली में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर सख्त नीतियां: एमडीडीए का अभियान जारी
एमडीडीए की अवैध निर्माण व प्लॉटिंग पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी, हरभजवाला और मेहुवाला माफी क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त एमडीडीए अवैध गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है- बंशीधर तिवारी मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत किए जा रहे अवैध निर्माणों एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई […] The post अवैध निर्माण व प्लॉटिंग पर जीरो टॉलरेंस, एमडीडीए का अभियान जारी appeared first on Uttarakhand News Update.
दिल्ली में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर सख्त नीतियां: एमडीडीए का अभियान जारी
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कम शब्दों में कहें तो, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर सख्त कार्रवाई जारी है। इसके तहत हरभजवाला और मेहुवाला माफी क्षेत्र में लगातार अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया जा रहा है। यह अभियान एमडीडीए द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत किया जा रहा है।
अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा की जा रही अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। यह कार्रवाई उन नियमों का उल्लंघन कर रहे व्यक्तियों के खिलाफ है, जो बिना अनुमति के भूमि का उपयोग कर रहे हैं। इसी कड़ी में, शनिवार को हरभजवाला पुल क्षेत्र में लगभग 08 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। प्लॉटिंग को बिना किसी स्वीकृति के विकसित किया जा रहा था, जिससे यह स्पष्ट था कि यह विकास प्राधिकरण के नियमों के विपरीत था।
डायरेक्टर्स का बयान
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताया और कहा, "हमारा उद्देश्य शहरी विकास को सुरक्षित और नियोजित बनाना है। अवैध प्लॉटिंग से न केवल शहर का स्वरूप बिगड़ता है, बल्कि आम नागरिकों की मेहनत की कमाई भी जोखिम में पड़ जाती है।" उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भूमि खरीदने से पहले उसकी वैधता अवश्य जांचें।
आवश्यक प्रबंधों का महत्व
इस कार्रवाई के दौरान, अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए थे। सहायक अभियंता विजय सिंह रावत और उनकी टीम ने मिलकर इस कार्यवाही को अंजाम दिया। इसके अतिरिक्त, मेहुवाला माफी क्षेत्र में भी अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसमें लगभग 04 से 05 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध गतिविधियों को रोका गया।
भविष्य की योजना
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि भविष्य में भी नियमित रूप से अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर कार्रवाई जारी रहेगी। उनका कहना है कि सभी भू-स्वामियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने निर्माण कार्य विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के बाद ही करें। ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त नीति अपनाई जा रही है ताकि भविष्य में आम नागरिकों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
बातचीत का महत्व
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अवैध प्लॉटिंग केवल शहरी नियोजन को प्रभावित नहीं करती, बल्कि यह नागरिकों के सामने गंभीर समस्याएं भी ला सकती है। आम जनता से प्राधिकरण ने अपील की है कि वे कभी भी बिना सही जानकारी के भूमि में निवेश न करें। सही जानकारी और प्राधिकरण की स्वीकृति से ही किसी भी प्रकार की भूमि खरीदना सुरक्षित रहेगा।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सभी नागरिकों के प्रति अपील की है, "हम भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेंगे। किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।"
यह कार्रवाई एमडीडीए द्वारा अवैध गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की जा रही है, जिससे शहरी विकास को सुरक्षित और सुनिश्चित किया जा सके।
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—Team PWC News, प्रियंका देवी
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