पीआरएसआई के अधिवेशन में सार्थक संवाद और चुनौतियों पर चर्चा
पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन सोमवार को भव्य रूप...
पीआरएसआई के अधिवेशन में सार्थक संवाद और चुनौतियों पर चर्चा
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कम शब्दों में कहें तो, पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन भव्य तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें जनसंचार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन सोमवार को शानदार रूप से संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और वन मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में देशभर से जनसंपर्क, संचार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में समसामयिक मुद्दों, जनसंचार की भूमिका, तकनीकी उन्नतियों और राष्ट्र निर्माण में संचार के योगदान पर गहरा मंथन किया गया।
जनसंचार की भूमिका पर जोर
समापन अवसर पर अपने संबोधन में मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक का है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अत्यधिक स्किल्ड और दक्ष बनाने की आवश्यकता है, ताकि पलायन की समस्या का समाधान हो सके और रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में कदम उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि "युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं" और उन्हें तकनीक के साथ जोड़कर राष्ट्रहित में उनकी भूमिका को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
सुबोध उनियाल ने यह भी बताया कि जनसंचार एक ऐसे माध्यम के रूप में कार्य करता है जो देश को सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत के प्रति वैश्विक दृष्टिकोण में बदलाव आया है और भारत अब एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में उभरा है। उन्होंने प्रतिनिधियों से सकारात्मक और तथ्यात्मक संवाद को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
हरियाली और ऊर्जा के नए आयाम
अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे विधायक उमेश शर्मा 'काऊ' ने जनसंचार की भूमिका को सराहते हुए कहा कि "विकसित भारत के निर्माण में जनसंचार अत्यंत महत्वपूर्ण है।" उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने में सेतु के रूप में कार्य करें।
इस अवसर पर इंडियन ऑयल फरीदाबाद के डायरेक्टर आलोक शर्मा ने ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कंपनी का लक्ष्य कच्चे तेल के आयात को कम करना है। उन्होंने बताया कि 2027 तक भारत की योजना कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने की है और बायोफ्यूल के साथ-साथ सस्टेनेबल एनर्जी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सम्मान और योगदान
पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने इस आयोजन को अभूतपूर्व बताते हुए सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के अधिवेशन जनसंचार के क्षेत्र को नई दिशा देते हैं और इस दौरान जनसंचार में योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। मंत्री उनियाल ने पीआरएसआई की प्रशंसा की और कहा कि इस संस्था ने न केवल जनसंचार को मजबूती दी है, बल्कि देश की संस्कृति को भी संरक्षित रखा है।
अंत में, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पीआरएसआई सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगली राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस वर्ष 2026 में भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित की जाएगी। तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का औपचारिक समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
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Team PWC News
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